पंजाब के फाजिल्का जिले में स्थित चंदभान ड्रेन में पिछले कुछ दिनों से हजारों की संख्या में मछलियां मृत पाई गई हैं। ड्रेन के पानी में तैरती मरी हुई मछलियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने ड्रेन के पानी की गुणवत्ता और मछलियों की मौत के पीछे के कारणों की गहन जांच की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से गांव गांधड़ा पुल से लेकर नूरशाह की ओर ड्रेन में छोटी और बड़ी दोनों प्रजातियों की मछलियां मृत अवस्था में बहकर आ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि पानी में किसी जहरीले तत्व के मिलने या ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हो सकता है। ड्रेन में इस तरह बड़ी तादाद में मछलियों का मरना इलाके के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। बीमारी का कारण बन सकतीं हैं मछलियां इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस ड्रेन से बड़ी मात्रा में मछलियां पकड़कर बाजारों में बेची जाती हैं। यदि अनजाने में या जानबूझकर इन मरी हुई मछलियों को खाने के लिए सप्लाई किया जाता है, तो यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है और किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी होने तक यहां से मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। जांच का आश्वासन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के संबंध में जब फाजिल्का की एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) डॉ. मनदीप कौर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह मामला मीडिया के जरिए ही उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने इस घटना पर गंभीरता दिखाते हुए आश्वासन दिया है कि वह तुरंत संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच करवाएंगे। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या ड्रेन के पानी में पीछे से कोई प्रदूषित रासायनिक कचरा छोड़ा गया है।


