पंजाब के फाजिल्का जिले के गांव टाहलीवाला जट्टा के किसानों ने नहरी पानी की समस्या को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। किसानों ने बताया कि भागसर माइनर पिछले पांच महीने में तीन बार बंद की जा चुकी है। अब दो महीने के लिए फिर से नहर बंद कर दी गई है। पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा पानी रिटायर्ड कर्नल रंधीर सिंह और किसान गुरदर्शन सिंह गरेवाल ने बताया कि उनका इलाका टेल एरिया में आता है। पिछले कई सालों से नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। इससे किन्नू के कई बाग बर्बाद हो गए हैं। सात जनवरी से भागसर माइनर और दो फरवरी से सरहिंद फीडर को बंद कर दिया गया है। बिना सफाई के नहर में छोड़ा जा रहा पानी किसानों का आरोप है कि नहरों की न तो सही से सफाई होती है और न ही उचित देखभाल की जाती है। बिना सफाई के ही नहर में पानी छोड़ दिया जाता है, जिससे जांच नहीं हो पाती। इस समस्या से करीब 3500 एकड़ क्षेत्र की फसलें प्रभावित हो रही हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नहरी पानी की कमी से परेशान होकर करीब 1800 एकड़ जमीन के मालिक अपनी जमीन सोलर प्लांट के लिए देने को मजबूर हो रहे हैं।


