फाजिल्का में अबोहर में किसानों के साथ धोखाधड़ी सामने आई है। सिरसा के दो व्यापारी मनदीप गर्ग और श्रवण वर्मा ने गेहूं खरीदकर किसानों को भुगतान नहीं किया। करीब तीन महीने पहले ये व्यापारी गांव केराखेड़ा और राजपुरा में आए थे। उन्होंने एक मकान किराए पर लिया और दुकान खोली। पीड़ित किसानों ने थाना सदर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार विजय कुमार, लाल चंद, भजन लाल समेत दर्जनों किसान इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। व्यापारियों ने किसानों का विश्वास जीतने के लिए गांव में जरूरतमंदों की मदद और समाज सेवा के कार्य शुरू किए। गेहूं की कटाई का मौसम आते ही उन्होंने किसानों को प्रलोभन दिया कि मंडी में जाने की बजाय उन्हें सीधे गेहूं बेच दें। उन्होंने एक रुपया प्रति किलो अधिक देने का वादा किया। साथ ही कोई कटौती नहीं करने और तुरंत भुगतान का आश्वासन दिया। इस तरह उन्होंने किसानों को अपने जाल में फंसाया। दुकान छोड़कर फरार हो गए व्यापारी करीब 50 किसानों ने अपनी पूरी गेहूं की फसल इन व्यापारियों को बेच दी। व्यापारियों ने कैंटरों में गेहूं भरकर मलोट, लंबी और कलरखेड़ा की मंडियों में भेज दिया। जब किसानों को फसल का भुगतान नहीं मिला, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। इस बीच दोनों व्यापारी मौके का फायदा उठाकर दुकान छोड़कर फरार हो गए। किसानों के अनुसार लगभग 50 टन गेहूं की खरीद की गई। ट्रांसपोर्टरों को भी बनाया शिकार गेहूं की ढुलाई करने वाले कैंटर चालक विक्की, सुखविंदर और प्रवीण ने बताया कि व्यापारियों ने उनसे भी धोखाधड़ी की है। उन्होंने ढुलाई का काम तो करवाया, लेकिन भुगतान नहीं किया। इस तरह व्यापारियों ने न केवल किसानों बल्कि ट्रांसपोर्टरों को भी अपना शिकार बनाया। पुलिस में दी शिकायत थाना सदर में शिकायत लेकर पहुंचे किसानों की बात सुनते हुए थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित किसानों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और आरोपी व्यापारियों का पता लगाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से किसान आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव से भी गुजर रहे हैं। सैकड़ों एकड़ की फसल का भुगतान न मिलने से किसानों की स्थिति खराब हो गई है। किसानों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके।


