फाजिल्का में धुंध पड़ने लगी है। इससे न सिर्फ ठंड में इजाफा हुआ है, बल्कि आने जाने वाले राहगीरों को भी वाहनों की लाइटें जलाकर सफर करना पड़ रहा है। हालांकि वाहन चालकों का तर्क है कि एक तो धुंध पड़ रही है और दूसरा पराली का धुआं इसमें मिलने से विजिबिलिटी कम हो रही है। इससे वजह से हादसे होने का डर बना हुआ है। इससे वाहन सड़कों रेंगकर चल रहे हैं। शनिवार को सुबह धुंध निकली लेकिन दोपहर तक भी यह नहीं छंटी। वाहन चालकों को लाइट जलाकर सड़कों पर निकलना पड़ा धुंध से दिखाई देना मुश्किल वाहन चालक राकेश कुमार ने बताया कि वह घर से निकला तो देखा कि बाहर बहुत धुंध है। इसके चलते उसने कुछ देर तक इंतजार किया। लेकिन, आखिरकार काम पर जाने की देरी होती देख वह गाड़ी लेकर निकल पड़ा। जबकि हाईवे पर काफी धुंध होने से उसे वाहनों की लाइट जलानी पड़ी और गाड़ी की रफ्तार भी धीमी थी। उसने बताया कि न सिर्फ धुंध पड़ रही है बल्कि धुंध में परली का धुआं भी मिल गया है। जिस वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतना होगा । नहीं तो हादसा हो सकता है। उधर उनकी वजह से अध्यापकों को स्कूल पहुंचने में देरी हो रही है। धुंध बढ़ने से तापमान में गिरावट आई।


