फाजिल्का के अबोहर के सुखचैन माइनर में मंगलवार सुबह करीब 60 फुट का कटाव आ गया। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया। सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं, मक्की और हरे चारे की फसलें पानी में डूब गईं। नहर विभाग के जूनियर इंजीनियर ने मौके का जायजा लिया। जूनियर इंजीनियर ने बताया कि कुछ किसानों द्वारा कस्सी के मोघे बंद करने से पानी का बहाव तेज हो गया। इसी कारण माइनर टूट गई। विभाग ने कर्मचारियों को लगाकर नहर की मरम्मत का काम शुरू करवा दिया है। 2 महीने की नहरबंदी के बाद मिला था पानी किसानों का कहना है कि यह माइनर कुछ क्षेत्र में नई बनी है। लेकिन उनके रकबे में पुरानी नहर होने से कटाव आ गया। दो महीने की नहरबंदी के बाद अभी पानी आया था। किसानों ने बताया कि नहरबंदी के दौरान ट्यूबवेल से सिंचाई की थी। अब जब गेहूं तैयार हुई, तब खेतों में पानी घुस गया है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।


