फाजिल्का में आज हेरोइन तस्करी के मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई है। जहां अजीत पाल सिंह जज की विशेष कोर्ट ने पाकिस्तान से नशा तस्करी के आरोपी बीएसएफ के कांस्टेबल को 15 साल की कैद और चार लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है । हालांकि यहां यह भी प्रावधान है कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया तो 2 साल की और कैद भुगतनी पड़ेगी । बता दे कि 21 जून 2022 को अपराध नंबर 44 के मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस स्टेशन एनसीबी चंडीगढ़ में धारा 8,21, 23 के तहत बीएसएफ के कांस्टेबल अरविंद सरोए के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था । कोर्ट ने 15 साल की सुनाई सजा जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया है और 15 साल की सख्त सजा और चार लाख रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है । हालांकि जुर्माने की अदायगी न करने की सूरत में 2 साल की और कैद की सजा सुनाई गई है । हेरोइन हुई थी बरामद बता दे कि 21 जून 2022 को बॉर्डर पोस्ट जोधावाला के इलाके में दोषी से पाकिस्तान से आयात की गई लगभग 4.235 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई । उस पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 (सी), 23 (सी) और आठ तहत दोष लगाया गया था । नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ने की जांच नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो द्वारा मामले की पूरी जांच की गई थी । कोर्ट ने कहा कि दोषी बीएसएफ अधिकारी होने के नाते ऐसी गैर कानूनी गतिविधियों का पता लगाने और रोकने के लिए पाबन्द था । लेकिन उसने यह अपराध किया । जब वह खुद पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी में शामिल हो गया । इसलिए वह इस सजा का हकदार था ।


