दतिया में हत्या के प्रयास और फायरिंग के मामले में जमानत पर बाहर आए आरोपी राजा उर्फ धर्मेश अहिरवार की जमानत न्यायालय ने रद्द कर दी है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए पुलिस को उसे तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला
यह घटना 25 अक्टूबर 2025 की है। ईदगाह मोहल्ला, रजनी बिहार कॉलोनी निवासी सुनीता अहिरवार (40) ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शाम करीब 6.30 बजे आरोपी धर्मेश उर्फ राजा बडौनी और उसका रिश्तेदार मोहित अहिरवार उनके घर पहुंचे। पुराने विवाद को लेकर दोनों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने पत्थर फेंके और अवैध कट्टों से दो राउंड फायर किए। आरोपी राजा ने सुनीता पर गोली चलाई, जो उनके कान के पास से निकलकर कमरे के गेट में जा लगी। सौभाग्य से वह बच गईं। घटना के समय आसपास के लोग मौजूद थे। जमानत के बाद भी नहीं सुधरा व्यवहार
पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा था। 3 दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ से आरोपी राजा को जमानत मिल गई थी। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने जमानत निरस्त करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। सुनवाई के बाद 28 जनवरी को न्यायालय ने जमानत रद्द कर दी और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। आरोपी पर अन्य आरोप भी
पुलिस के अनुसार आरोपी राजा बडौनी सांसद चंद्रशेखर रावण और आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर सिंह यादव का समर्थक बताया जा रहा है। उस पर पहले भी मारपीट के आरोप हैं और बड़ौनी में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। इस मामले में आरोपी के पिता और भाइयों के खिलाफ भी केस दर्ज है। फिलहाल आरोपी परिवार समेत फरार है। बताया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर एसपी और थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।


