कोटा के आनंतपुरा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। अपार्टमेंट के एक फ्लैट में लगी आग से दम घुटने के कारण महिला एक्टर के दो मासूम बेटों, शौर्य और वीर की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। सोमवार को बच्चों के माता-पिता मीडिया के सामने आए। मां रीता शर्मा अभी भी टूट चुकी हैं और उन्हें यकीन नहीं होता कि उनके दोनों बेटे अब इस दुनिया में नहीं हैं। पिता डॉ. जितेंद्र शर्मा ने रोते हुए कहा कि अगर फ्लैट्स में फायर सेफ्टी और स्मोक अलार्म जैसे इंतजाम होते तो शायद मेरे बच्चे आज जिंदा होते। उन्होंने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ, वे खुद फ्लैट के अंदर गए और बच्चों को निकालने की कोशिश की। छोटे बेटे वीर को उठाकर अस्पताल भेजा, लेकिन वह भी नहीं बच सका। बड़े बेटे शौर्य को सीपीआर देकर बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं कि अगर आपके बच्चे अकेले घर में हैं तो घर में सीसीटीवी, स्मोक डिटेक्टर और फायर इक्विपमेंट जरूर लगाएं। रीता शर्मा ने भावुक होकर कहा कि उस रात मैं शूटिंग पर मुंबई में थी। जब फोन नहीं उठ रहा था, तब मुझे चिंता हुई लेकिन हादसे की खबर मिलते ही सब कुछ खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के जाने के बाद उनका जीवन जैसे थम सा गया है। उन्होंने अपने दोनों बेटों की आंखें दान कर दीं। शौर्य की आंखों से तीन और वीर की आंखों से चार लोग अब रोशनी पा सकेंगे। डॉ. जितेंद्र ने बताया कि वीर जल्द ही एक फिल्म में सैफ अली खान के बचपन का रोल निभाने वाला था। वहीं सोनू सूद की फिल्म और एक टीवी सीरियल से भी ऑफर मिला था। लेकिन इससे पहले ही यह त्रासदी हो गई। परिवार ने कहा कि वे आगे अपने बच्चों के नाम से एक एनजीओ बनाएंगे और समाज में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए काम करेंगे ताकि कोई और परिवार इस दर्द से न गुज़रे।


