झारखंड में अनियमितता बरतने वाले फार्मेसी कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी है। राज्य में निबंधित कुल 104 फार्मेसी कॉलेजों में से करीब 40 से 50 परसेंट कॉलेज पीसीआई मानक पूरा नहीं करते हैं। कई निबंधित कॉलेज ऐसे हैं जो केवल कागजों पर संचालित हैं। दैनिक भास्कर ने फार्मेसी कॉलेजों के फर्जीवाड़े पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। अब स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए 3 सदस्यीय जांच कमिटी गठित की है। इस कमिटी में स्वास्थ्य विभाग के उप-सचिव रंजीत लोहरा को अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव धीरंजन प्रसाद शर्मा और झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के निबंधक सह सचिव को सदस्य बनाया गया है। आदेश में निर्देश दिया गया है कि राज्य में डी. फार्मा व बी. फार्मा पाठ्यक्रम के संचालन के लिए विभागीय संकल्प निर्गत है। उस विभागीय संकल्प व फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया (पीसीआई) के मानकों को लेकर विभिन्न संस्थान व महाविद्यालयों का संचालन किया जाता है। लेकिन पाठ्यक्रम संचालन के विरूद्ध लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे में राज्य में संचालित सभी डी फार्मा व बी फार्मा पाठ्यक्रम विभागीय प्रावधान पीसीआई के मानक के अनुसार संचालित हैं या नहीं? उक्त जांच कमिटी को मामले की जांच कर यथाशीघ्र जांच रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। ^कमिटी की जांच रिपोर्ट में कॉलेज के संचालन में अनियमितता मिली तो तत्काल उस कॉलेज का निबंधन रद्द कराया जाएगा। – अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग


