फिर सताने लगी सर्दी:पछुआ हवा ने बढ़ाई कनकनी, आज आठ जिलों में शीतलहर

6.4 डिग्री तक गिरा तापमान, 4 डिग्री तक और गिरेगा, रांची में 6 जनवरी तक स्कूल बंद झारखंड में एक बार फिर सर्दी सताने लगी है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 6.4 डिग्री तक लुढ़क गया है। अधिकतम-न्यूनतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने से उत्तर-पश्चिम की ओर से आ रही पछुआ हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि अगले तीन दिन में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है मौसम केंद्र ने पांच और छह जनवरी को राज्य के 14 जिलों में घना कोहरा छाने और आठ जिलों में शीतलहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने पांच और छह जनवरी को जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी और निजी स्कूलों में केजी से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित कर दी है। अगर किसी स्कूल में परीक्षा है तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेक के अनुसार परीक्षा लेगा। हालांकि छह जनवरी को सरकारी स्कूलों में शिक्षक आएंगे। वे गैर शैक्षणिक कार्याें का निपटारा करेंगे। रांची में विजिबिलिटी 600 मीटर…एक फ्लाइट रद्द, दो डायवर्ट, 12 लेट
राजधानी रांची में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा विजिबिलिटी घटकर 600 मीटर रह गई। इससे एयर इंडिया की दिल्ली-रांची-दिल्ली फ्लाइट रद्द रही। बेंगलुरू से सुबह 9:35 बजे और मुंबई से 10:50 बजे आने वाले विमान को कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया, जो दोपहर बाद रांची लौटा।वहीं 12 विमान देरी से रांची एयरपोर्ट पर पहुंचा। ट्रेन सेवाएं भी बाधित हो रही हैं। ट्रेनें भी एक से चार घंटे की देरी से चल रही हैं। आगे क्या… आज 14 जिले में घना कोहरा
गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्‌डा, साहिबगंज और पाकुड़ में सोमवार को कोहरा रहेगा। इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में दो दिन शीतलहर का अलर्ट
गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग और कोडरमा में पांच और छह जनवरी को शीतलहर चलेगी। यलो अलर्ट जारी किया है। अधिकतम-न्यूनतम तापमान में अंतर कम, इसलिए कनकनी
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर कम होने से धूप कमजोर पड़ने लगती है। कोहरे की स्थिति बन जाती है। इससे सुबह-शाम की बजाय पूरे दिन ठंड रहती है। कनकनी बढ़ जाती है। ठंडी हवाओं और नमी के कारण शीतलहर जैसी स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ से रुक-रुक कर पड़ रही ठंड
पश्चिमी विक्षोभ सालों भर रहता है, लेकिन ठंड में इसका अधिक प्रभाव दिखता है। पश्चिमी विक्षोभ मतलब पश्चिम की ओर से आने वाला डिस्टर्वेंस। पश्चिमी विक्षोभ का असर जब बढ़ जाता है, तो ठंड कम हो जाती है, लेकिन जैसे ही इसका असर कम होता है तो बर्फीली हवाएं चलती है। हवा में नमी रहती है। इस वजह से सर्दी तीन-चार दिन रहती है, फिर न्यूनतम तापमान बढ़ जाता है।-अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक

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