भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले के प्राइवेट स्कूलों में 15 फीसदी से ज्यादा फीस वृद्धि कर दी गई है। इसे लेकर अभिभावकों का अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। मनमाना फीस वसूली को लेकर एनएसयूआई ने सोमवार दोपहर 12 बजे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर दिया। घेराव के दौरान शिक्षा के व्यापारीकरण को बंद करने नारेबाजी की गई। आरोप है कि निजी स्कूल छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020 का पालन नहीं कर रहे। मनमाने तरीके से 15 से 20 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद प्रशासन और सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बताया कि 3 जून 2024 को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग से जारी के आदेश के अनुसार सभी निजी स्कूलों को 4×8 फीट के बोर्ड और वेबसाइट पर फीस बढ़ोतरी की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। जो स्कूल ऐसा नहीं कर रहे, उन पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। जिले में शिक्षा का व्यवसायीकरण किया जा रहा है। निजी स्कूलों की लगातार बढ़ती संख्या से इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, पिछले साल जिले में 218 प्राइवेट स्कूल संचालित थे। इस सत्र में 13 नए स्कूल खुल गए हैं, जिससे संख्या 231 हो गई है।


