भिंड जिले के फूप थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 719 पर बीते सप्ताह हुए भीषण सड़क हादसे में अब चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों सहित गोताखोर की मौत हुई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि हादसे के असली आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक झूठे ट्रक चालक को पुलिस के सामने पेश कर दिया था। अब पुलिस ने वाहन मालिक सहित झूठा चालक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। क्या है पूरी घटना
यह हादसा 30 सितंबर की सुबह 11 बजे फूप थाना क्षेत्र के टेढ़ा पुलिया के पास हुआ था। पावई क्षेत्र के सोरा गांव निवासी सुनील बघेल अपनी पत्नी पपीता बघेल, पुत्री अंशु और पुत्र छोटे बघेल के साथ बाइक पर सवार होकर फूप कस्बे में रहने वाले अपने चाचा हवलदार सिंह के घर अष्टमी पूजा के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार मिनी ट्रक (कंटेनर) क्रमांक MP07ZL8708 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि परिवार के चारों सदस्यों की मौके पर मौत हो गई। इसी हादसे में पीछे से आ रहे भिंड शहर के गोताखोर भोला खान भी रौंदे गए, जिससे उनकी भी मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया था। रिश्तेदार को पैसे देकर जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने कहा
पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान वाहन मालिक राहुल कुशवाहा ने खुद को बचाने के लिए अपने ही रिश्तेदार कल्लू कुशवाहा को डेढ़ लाख रुपए का लालच देकर झूठा चालक बनाकर पुलिस के सामने पेश किया। कल्लू ने घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। हालांकि जब पुलिस ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया। सीसीटीवी से खुला राज
सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखा कि वाहन को स्वयं राहुल कुशवाहा चला रहा था, जिसने तेज रफ्तार में ओवरटेक करते हुए बाइक सवारों को कुचला और मौके से भाग गया। फूप थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि वाहन मालिक ने अपराध से बचाने के लिए झूठी कहानी रच दी और पुलिस जांच को भ्रमित करने का प्रयास किया। नई धाराएं जोड़ी
जांच के बाद प्रकरण में धारा 217, 212, 238, 242 व 61(2) BNS (पूर्व में 182, 177, 201, 205, 120B IPC) जोड़ी गई हैं। पुलिस ने वाहन मालिक राहुल कुशवाहा और झूठे चालक कल्लू कुशवाहा दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। फूप थाना प्रभारी सतेंद्र राजपूत ने दैनिक भास्कर को जानकारी देते हुए बताया कि मिनी ट्रक वाहन मालिक ने पुलिस जांच को भटकाने की कोशिश की थी। तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से स्पष्ट हुआ कि वही असली चालक था। अब दोनों आरोपी न्यायालय के समक्ष पेश किए जा रहे हैं।


