बांसवाड़ा में नकली करेंसी का मामला आनंदपुरी थाना क्षेत्र में आने के बाद पुलिस एक्टिव मोड में आ चुकी है। जिसने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सीआई कपिल पाटीदार ने बताया कि रविवार को पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी तेलंगाना निवासी हुसैन पीरा को गिरफ्तार कर लिया हैं सीआई ने बताया कि एसपी हर्षवर्धन अगरवाला द्वारा फेक करेंसी के मामले में कड़ी से कडी जोड़ते हुए आदिवासी सीमा अंचल में युवाओं को दुष्प्रेरित करते हुए फेक केरेंसी प्रिंट कराने व बाजार में प्रचलन में लाने वाले मुख्य आरोपी हुसैन पीरा को निजामाबाद जेल (तेलंगाना) से प्रोडक्शन वारंट से प्राप्त कर गिरफतार करने मे सफलता प्राप्त की है। सीआई ने बताया कि गत 18 मार्च को को धुलियागढ गांव के महेश कटारा के घर से फेक करेंसी को पुलिस टीम द्वारा जप्त कर प्रिंटर को बरामद कर लिया गया था। इसी क्रम में पुलिस ने कड़ी से कडी जोड़ते हुए नकली करेंसी बाजार में चलाने व कब्जे रखने वाले संगठित आर्थिक आपराधिक गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफतार कर उनके कब्जे से जाली करेंसी को जब्त कर लिया गया था। मामला संवेदनशील होने व बांसवाडा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र मे फेक मुद्रा बाजार में प्रचलित होने से उक्त आर्थिक अपराध को आश्रय देने वाले मुख्य आरोपी हुसैन पीरा को घटना में संलिप्त होने के कारण चिन्हित किया गया था। अनुसंधान के दौरान पाया गया की हुसैन पीरा पहले भी यह अपराध कर चुका है। आरोपी हुसैन पीरा व उनके सहयोगीयो के कब्जे से लाखों की संख्या मे फेक करेंसी को जप्त किया गया था और उसको न्यायिक अभिरक्षा में निजामाबाद जेल तेलंगाना मे भेजा गया था। एसपी हर्षवर्धन अगरवाला द्वारा भी हुसैन पीरा की गिरफतारी के लिए संबधित राज्य के जिले के उच्चाधिकारियो से निरन्तर संपर्क किया गया। 11 अप्रैल को पुलिस टीम आनन्दपुरी द्वारा आरोपी हुसैन पीरा को निजामाबाद जेल तेलंगाना से प्राप्त कर उसको गिरफ़्तार कर लिया गया हैआरोपी अभी पुलिस अभिरक्षा में है आरोपी हुसैन पीरा से पुलिस अनुसंधान कर रही है वागड क्षेत्र मे तेलंगाना से कैसे यहां आया और मदद किसने की।


