गुना के मावन गांव में प्रशासन ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। फैक्ट्री को आवंटित जमीन के कुछ हिस्से में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था, जिसे हटाने पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी। ईंट भट्टे संचालकों के कब्जे को हटाया
टीम ने सर्वे क्रमांक 679/1/6/1 (रकबा 32 हेक्टेयर) पर काबिज ईंट भट्टा संचालकों को मौके से बेदखल कर दिया गया। तहसीलदार (ग्रामीण) कमल सिंह मंडेलिया के नेतृत्व में पहुंची टीम ने भूमि का सीमांकन कर बाउंड्रीवॉल के लिए ट्रेंच (खाई) खुदवाने का कार्य शुरू कराया। इस दौरान वहां संचालित ईंट भट्टों को हटाया गया। यहां मौजूद कटहल के पेड़ों को मशीनों की मदद से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। लोग बोले- विस्थापित किए बिना हटाना सही नहीं
क्षेत्र में ईंट भट्टा संचालित कर रहे परिवारों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें बिना पुनर्वास के उजाड़ना न्यायोचित नहीं है। हाल ही में समाज के लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से गुहार लगाई थी कि इस व्यवसाय से लगभग तीन हजार मजदूरों और आधा सैकड़ा परिवारों का पेट भरता है। कार्रवाई के पहले उन परिवारों के बारे में विचार किया जाए। वैकल्पिक भूमि नहीं की गई आवंटित
समाज के मनोज प्रजापति और अन्य संचालकों का आरोप है कि प्रशासन ने पूर्व में उन्हें मौखिक आश्वासन दिया था कि जमीन खाली कराने के बदले उन्हें करीब 40 बीघा वैकल्पिक भूमि आवंटित की जाएगी। हालांकि, अब तक कागजों पर एक इंच जमीन भी नहीं दी गई और सीधे बेदखली की कार्रवाई कर दी गई।


