युद्ध में शहीद सैनिकों की पत्नी और आश्रितों को अब 50 लाख मिलेंगे युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद जवानों और विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में ढाई गुना वृद्धि की गई है। शहीद सैनिकों की पत्नी और उनके आश्रितों को अब 50 लाख रुपए मिलेंगे। पहले 20 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाती थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। परमवीर चक्र प्राप्त जवानों की पत्नी और उनके आश्रितों को 1 करोड़ रुपए देने का निर्णय लिया गया है। पहले 40 लाख रुपए दिए जाते थे। इसी प्रकार युद्ध और सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी गई है। इसके अलावा सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि को भी चार गुना बढ़ा दिया गया है। पहले जहां जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपए सालाना दिया जाता था। अब इसे बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दिया गया है। भूतपूर्व सैनिकों को पहला घर खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में छूट
सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को अपना पहला घर या जमीन खरीदने पर 25 लाख रुपए तक के स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व है: सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे वीर जवान 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत मां की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना हम सबका दायित्व और कर्तव्य है। बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। इस बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए मिले सुझावों पर उचित निर्णय लिया जाएगा। राज्य में 13 साल बाद हुई सैनिक बोर्ड की बैठक
राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक 13 साल बाद हो रही है। इससे पहले 13 जनवरी 2012 को बोर्ड की 5वीं बैठक हुई थी। सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक रिटायर ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने बोर्ड की गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत, एसीएस मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सीएम सचिव राहुल भगत शामिल हुए।


