फॉक्सकॉन ने बदली कर्नाटक के देवनहल्ली की तस्वीर:ताइवानी कंपनी के कारण जमीन की कीमतें 400% बढ़ीं; घर में हजारों जॉब, इसलिए लौट रहे युवा

एक मल्टीनेशनल कंपनी कैसे वीरान इलाकों की किस्मत बदलती है, कर्नाटक के देवनहल्ली से समझ सकते हैं। दो साल पहले तक 15वीं शताब्दी का यह इलाका शांत था। हालांकि यहां केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, लेकिन इस उपनगर में न पक्की सड़कें थीं, न ही इंडस्ट्री। अच्छी पढ़ाई और इलाज के लिए लोग 40 किमी दूर बेंगलुरु पर निर्भर थे। लेकिन, मई 2023 में ताइवान की बहुराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कंपनी फॉक्सकॉन ने घोषणा की कि वह देवनहल्ली में 300 एकड़ जमीन खरीद चुकी है। फॉक्सकॉन एपल की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है। वह 22 हजार करोड़ रु. निवेश करने जा रही है। दो साल बाद निवेश 50 हजार करोड़ हो जाएगा। वह अपनी दूसरी सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट यहां लगा रही है, जो 40 हजार प्रत्यक्ष रोजगार देगी। इस घोषणा के बाद से देश-दुनिया की नामी रियल एस्टेट, मल्टीनेशनल फर्म्स फर्म देवनहल्ली पहुंच गईं। आज यहां 20 किमी के दायरे में जमीन की कीमतें करीब 400% से भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं। अपार्टमेंट, विला, भूखंडों के 57 मेगा प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। 12 कंपनियां, कई इंटरनेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, स्कूल्स और अस्पताल काम शुरू कर चुके हैं। फॉक्सकॉन को सूचना प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र में 300 एकड़ जमीन मिली है। कंपनी फिलीपींस, चीन और ताइवान से अपने हजारों कर्मचारियों को यहां शिफ्ट करेगी। इसलिए देवनहल्ली से बेंगलुरु तक मकानों का किराया 15 हजार से 35 हजार रु. महीना तक पहुंच गया है। रियल एस्टेट फर्म बीसीडी ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट सुवोजित बसु ने बताया कि देवनहल्ली 5 साल बाद बेंगलुरु का जुड़वां शहर होगा। रियल एस्टेट डेवलपर कुमार वेमुलकर ने बताया कि एक समय जमीन की कीमत 1500 रु. वर्ग फीट थी, जो अब 9 हजार रु. वर्ग फीट है। एकड़ में भाव 1.50 करोड़ से बढ़कर 8 करोड़ पहुंच गया है। किसान जमीनें बेचकर फ्लैट, विला बुक कर रहे हैं, क्योंकि भविष्य में ये उन्हें 10 गुना मुनाफा देंगे। गांव वाले बोले- 5 साल में 500 कंपनियां होंगी, हम बेंगलुरु क्यों जाएं

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