कोलार के शशि हाइटेक सिटी, राजहर्ष में 10 साल की मासूम रिया रजक की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस को कई संदिग्ध मिले हैं, जिनकी राइफल से घटना के दिन फायर किया गया था। पुलिस की जांच के घेरे में एक रिटायर्ड डीएसपी अधिकारी की राइफल भी आई है। पुलिस राइफल की फॉरेंसिक जांच के लिए रिटायर्ड डीसीपी को भी नोटिस भेज रही है। घटना को लेकर पुलिस ने करीब 4 दर्जन 315 बोर शस्त्रधारकों से पूछताछ की है और उनकी राइफलों को नोटिस भेजकर एफएसएल जांच के लिए सागर भेजा जा रहा है। पुलिस अब इन राइफलों से हुए फायरों की टाइमिंग भी मिलाएगी। जिस समय रिया को गोली लगी, उसी समय जिन बंदूकों से फायर किया गया था, उन सभी को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि किसकी राइफल से गोली चली थी। डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि इलाके से कई संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसधारी मिले हैं। उनकी राइफलें जांच के लिए भेजी जा रही हैं। जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कर रही क्राइम सीन रीक्रिएट
पुलिस की चार टीमें इस मामले में जांच कर रही हैं। उन्होंने क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया है, जिसमें स्पॉट से गोली के एंगल और ऊंचाई का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना गुरुवार 12 बजे के करीब हुई थी। उसी समय के हिसाब से गोली को दोबारा चलाकर देखा जा रहा है। पुलिस को मिले सभी संदिग्धों की राइफलें अब सागर के एफएसएल लैब भेजी जा रही हैं। शुक्रवार को रिया की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि उसकी मौत 315 बोर लाइसेंसी राइफल से निकली गोली से हुई थी। यह गोली दशहरे पर हर्ष फायरिंग के दौरान हवा में चली और फॉलिंग बुलेट बनकर वापस लौटी थी। गोली यू शेप में वापस आ रही थी। संभवतः हवा ने गोली का रुख बदल दिया, जिससे गोली रिया के शरीर में सीधे घुसने के बजाय हल्की तिरछी घुसी। गोली रिया के गले के पास बायीं तरफ से शरीर में घुसी और पेट के दाहिनी ओर जाकर धंस गई। ऐसे हुई थी घटना… 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन रिया घर के पास दुर्गा पंडाल के पास खेल रही थी। थककर वह वहीं कुर्सी पर बैठ गई। अचानक वो गश खाकर गिर पड़ी। लोगों ने उसे उठाया तो देखा कि उसके गले और कंधे के बीच गहरा घाव है। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रिया की मौत हो गई।


