फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध:आदिवासियों ने झाबुआ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; बोले- ग्राम सभा की सहमति जरूरी

झाबुआ में बदनावर-टिमरवानी फोरलेन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध शुरू हो गया है। भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा और जयस के कार्यकर्ता शनिवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार सुनील डावर को ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 10 अप्रैल को बदनावर में इस परियोजना की घोषणा की थी। बदनावर-पेटलावद-टिमरवानी तक 80 किलोमीटर लंबे मार्ग के लिए 155.579 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। इस फोरलेन को राष्ट्रीय राजमार्ग 752डी के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1900 करोड़ रुपए है। भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने ज्ञापन में कहा कि जबरन भूमि अधिग्रहण संविधान का उल्लंघन है। यह आदिवासियों के जीवन जीने के अधिकार अनुच्छेद 21 के खिलाफ है। पेटलावद के सारंगी, कसारबर्डी, हिंडोला बावड़ी, मोहनपुरा और थांदला क्षेत्र के टिमरवानी के आदिवासी विरोध में शामिल हुए। मोर्चा के गब्बरसिंह वास्केल ने संविधान की प्रति दिखाते हुए अधिकारियों से सवाल किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि ग्राम सभा की सहमति के बिना अधिग्रहण नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं रुकी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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