कोंडागांव जिले के बोरगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में शनिवार को बंगाली समाज की महिलाओं ने मां विपदतारिणी का व्रत रखा। रथयात्रा के बाद आने वाले इस विशेष दिन पर मंदिर में श्रद्धालुओं बड़ी संख्या में पहुंचे। महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा। उन्होंने मां को 13 प्रकार के फल, फूल और मिष्ठान्न अर्पित किए। पुजारी सुभाष भौमिक ने विधिवत व्रत कथा का पाठ किया। कथा के दौरान मंदिर में ‘जय मां विपदतारिणी’ के जयकारे गूंजते रहे। व्रत की विशेष परंपरा के अनुसार, सभी महिलाओं ने पूजा के बाद 13 गांठ वाला लाल रक्षा सूत्र अपनी दाहिनी बांह पर बांधा। मान्यता है कि यह धागा मां का आशीर्वाद है और विपत्तियों से रक्षा करता है। रथयात्रा के बाद होती है पूजा पूजन के बाद मिष्ठान्न, फल और खीर का प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी। बंगाल की इस पारंपरिक व्रत-पूजा को परिवार की रक्षा और समृद्धि के लिए किया जाता है। विश्वास है कि मां विपदतारिणी भक्तों की सभी विपदाएं दूर करती हैं। यह पूजा रथयात्रा के बाद आने वाले शनिवार या मंगलवार को की जाती है।


