बंगाल, बेंगलुरु व हैदराबाद के फूलों से सजेगा मां का दरबार, 224 के तरह मिष्ठान्न का लगेगा भोग

सिटी रिपोर्टर | रांची जय मां काली जगदंबा ट्रस्ट मणिटोला, डोरंडा का तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव की शुरुआत 25 मई से होगी। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से की जा रही है। मंदिर और मां के भव्य दरबार को सजाने के लिए बंगाल, बेंगलुरु व हैदराबाद से कार्नेशन, जलवीरा, ऑर्किड, सूरजमुखी और गुलाब, गेंदा जैसे खास 2000 किलो फूल मंगवाए गए हैं। मां के दरबार के साथ पहली बार मंदिर को ताजे फलों और फूलों से सजाया जाएगा। ट्रस्ट के सचिव पवन पासवान ने बताया कि 15 दिन पहले से ही बंगाल के 150 कारीगर पूजा पंडाल बनाने में जुटे हैं। मंदिर की साज-सज्जा के लिए बंगाल से 10 और माता रानी के शृंगार के लिए रांची के लोकल 4 कारीगर लगे हैं। 25 मई को शाम 5 बजे से भव्य शोभायात्रा मंदिर से निकाली जाएगी। इस बार सड़क से न जाकर ग्रामीण क्षेत्र से होकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें ओडिशा के संघी बाजा, रांची की ताशा पार्टी, बंगाल से ढाक व झारखंड के ढोल-नगाड़े शामिल होंगे। शोभायात्रा में 251 झंडे लिए भक्त शामिल होंगे। इससे पूर्व सुबह में मां काली की पूजा होगी। 26 मई को सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक पूजा-अर्चना होगी। माता रानी को 224 प्रकार के मिष्ठान्न का भोग लगेगा। मां के दर्शन के लिए जापान, यूपी, नागपुर, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, ओडिशा, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से सवा लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसी दिन महाभंडारा होगा, इसमें देश-विदेश के लोग भी शामिल होंगे। 10 दिनों से मंदिर प्रांगण में गांव के कन्याओं द्वारा माता रानी की चुनरी बनाई जा रही है। यह परंपरा 15 सालों से चली आ रही है। चुनरी बाजार से नहीं खरीदी जाती है। कन्याओं की हाथों से बनी चुनरी माता को चढ़ाई जाती है। शृंगार के सामान भी गांव की महिलाएं खुद तैयार करती हैं। मां मनोकामना काली मंदिर के मुख्य पुजारी रामेश्वर पासवान बताते हैं कि बड़ा पूजा का एक विशेष महत्व है। इस दिन का इंतजार मां के भक्त एक वर्ष तक करते हैं। मां मनोकामना काली मंदिर एक विशेष आस्था का केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां की आराधना करते हैं उनकी मनोकामना मां काली पूर्ण करती हैं। मंदिर 1953 में बनी और 1978 से बड़ा पूजा महोत्सव की शुरुआत हुई। 27 मई शाम 4 से रात 10 बजे तक माता का भव्य जागरण किया जाएगा। ससुराल से बेटियों को मोहल्ले के लोग विशेष रूप से आमंत्रित करते हैं। मौसम को देखते हुए इस साल मंदिर मार्ग से 500 मीटर तक वाटरप्रूफ भव्य पंडाल बनाए जा रहे हैं। दर्शन के दौरान लंबी कतार होने के कारण महिलाओं की परेशानी को देखते हुए बैठने की व्यवस्था की गई है। हिनू क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। चंदन नगर द्वारा भव्य लाइट गेट बनाया जा रहा है। कुल 51 तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। लाइटिंग में श्री कृष्ण लीला, पर्यावरण संरक्षण, वट वृक्ष को भी दर्शाया जाएगा। 100 फीट की कृष्ण लीला पर आधारित लाइटिंग आकर्षण का केंद्र होगा। महोत्सव में गांव के हजारों स्वंयसेवक तैनात रहेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *