रायसेन तहसील के अंतर्गत आने वाली बंद पड़ी कानपोहरा पत्थर खदान में अवैध रूप से पत्थर चोरी की शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को राजस्व और माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम को आता देख मौके से कुछ लोग फरार हो गए। इसके बाद दोनों विभागों ने कार्रवाई करते हुए खदान तक पहुंचने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम मनीष शर्मा, माइनिंग विभाग की निरीक्षक अर्चना ताम्रकार और सुमित गुप्ता मौजूद थे। एसडीएम मनीष शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर उन्होंने मौके का जायजा लिया, जहां चोरी की शिकायतें सही पाई गईं और पत्थर भी निकाला जा रहा था। हालांकि, मौके पर कोई कर्मचारी नहीं मिला, लेकिन आसपास के ग्रामीण मौजूद थे। कुछ दोनों पहले माइनिंग विभाग के द्वारा यहां से पत्थर ले जाते हुए वाहनों को भी जप्त किया था। जानकारी मिली थी कि बंद पड़ी इस पत्थर खदान से रात के समय अवैध तरीके से पत्थर निकालकर वाहनों से ले जाया जा रहा था। यह खदान काफी समय से कार्रवाई के बाद बंद थी, इसके बावजूद यहां से पत्थर चोरी काम जारी था। मुखबिर की सूचना पर राजस्व और माइनिंग विभाग ने यह कार्रवाई की। बता दें कि 2 अगस्त 2023 को रायसेन के तत्कालीन कलेक्टर अरविंद दुबे के निर्देश पर इस अवैध उत्खनन को लेकर खदान पर कार्रवाई की गई थी। उस समय अवैध उत्खननकर्ता आफताब हुसैन पर खनिज विभाग द्वारा 28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई के लिए आवेदन दाखिल करने और जुर्माना जमा न करने के नियमों के तहत, यह राशि बढ़ाकर 56 करोड़ 60 लाख 29 हजार 200 रुपये कर दी गई थी। इसके अलावा, मौके से वाहन और मशीनें भी जब्त की गई थीं।


