खंडवा में बुधवार रात को एक 28 वर्षीय एक युवक ने बंद पड़े स्कूल के कमरे में फांसी लगा ली। प्राइमरी स्कूल उसके घर से लगा हुआ था। रात में युवक स्कूल पहुंचा और फंदा बनाकर झूल गया। पैर जमीन पर टिके होने और मुंह पर कपड़ा बंधा होने से मामला संदेहास्पद लगा। हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया तो मामला आत्महत्या का ही निकला। घटना जावर थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलकोटा की है। पुलिस को प्राइमरी स्कूल के भीतर एक युवक के फांसी लगने की सूचना मिली थी। फांसी स्कूल के नजदीक रहने वाले योगेश पिता दीपक मालवीय (28) ने लगाई थी। इसके बाद बुधवार रात 11 बजे माैके पर पुलिस पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर लिया। जावर पुलिस ने मर्ग कायम गुरुवार सुबह 10 बजे योगेश के शव का पोस्टमॉर्टम कराया। आवाज ना निकले इसलिए मुंह पर बांधा कपड़ा मामले की जांच कर रहे एएसआई उमेश राजपूत ने बताया कि योगेश के मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था। फांसी लगने के दौरान आवाज ना निकले इसलिए उसने मुंह पर कपड़ा बांध लिया था। रस्सी की ऊंचाई कम थी, इसलिए पैर जमीन पर टिकना सामान्य बात है। एक दिन पहले डॉक्टर को दिखाया था योगेश का परिवार सुतारी का काम करता है। योगेश भी इसी काम में हाथ बंटाता था। गांव वालों ने बताया कि वह कुछ दिनों से बीमार चल रहा था, इसी कारण तनाव में आ गया था। एक दिन पहले ही वह खंडवा में डॉक्टर को दिखाकर आया था। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। टीआई गंगाप्रसाद वर्मा ने बताया- मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


