भास्कर न्यूज | जशपुरनगर फरवरी के पहले सप्ताह से ही आम के पेड़ बौर से लद गए हैं। किसानों और व्यापारियों को इस साल भी अच्छी फसल की उम्मीद है। जशपुर जिला आम के लिए मशहूर रहा है। पिछले साल खराब मौसम के कारण फसल प्रभावित हुई थी। तेज हवा और बारिश से बौर झड़ गए थे, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को रसीले देशी और अन्य प्रजातियों के आम कम मिल सके। इस बार बसंत ऋतु के आते ही देशी और हाई ब्रीड प्रजातियों के पेड़ों पर भरपूर बौर आ गए हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई हल्की बारिश आम की फसल के लिए लाभदायक रही। इससे बौर मजबूत हुए हैं और अब बारिश होने पर भी बौर झड़ने की संभावना कम है। इससे कीट लगने की आशंका भी घटेगी। किसानों का मानना है कि इस साल उत्पादन बेहतर रहेगा और इसी वजह से उनके चेहरे खिले हुए हैं। यहां देशी आमों के साथ चैसा, लंगड़ा, दशहरी, फजलीह, हिमसागर, गुलाब खास और बाम्बेग्रीन जैसी प्रजातियों के आम लगभग 12 हजार एकड़ में लगाए गए हैं। देशी आमों की खपत स्थानीय बाजार में हो जाती है, जबकि उच्च प्रजातियों के आम का निर्यात आसपास के जिलों और क्षेत्रों में किया जाता है। हर साल आम का रकबा बढ़ रहा है। पेड़ों पर इस बार अच्छे बौर हैं। मौसम साफ रहा तो इस बार अच्छी पैदावार की संभावना है।


