सेन्टर फॉर माइक्रो फाइनेंस संस्था ने समुदाय आधारित बकरी नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष समागम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पिंडवाड़ा, सायरा और सिरोही ब्लॉक से 58 पशु सखियां और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. सी.एस. बड़गुर्जर और राजीविका के ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक मनोज मीणा ने किया। सेंटर फॉर माइक्रो फाइनेंस के चिरंजीव सिंह राव ने बताया कि यह कार्यक्रम पशु सखियों की चुनौतियों को समझने और उनके कार्य को नई दिशा देने के लिए आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. बड़गुर्जर ने पशु सखियों की क्षमता की सराहना की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में 90% पशु सखियों ने सही उत्तर दिए। उन्होंने सिरोही नस्ल के विकास पर वैधानिक तरीके से काम करने का सुझाव दिया। मनोज मीणा ने बकरी के दूध को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आयोजित प्रश्नोत्तरी में पशु सखी बासु देवी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मोबाइल के माध्यम से प्रश्नोत्तरी देकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने बताया कि पशु सखी के रूप में काम करने से गांव में उनकी पहचान बनी है। कार्यक्रम में गणपत सिंह, प्रशांत पाड़ी, बीरबल, परवीन, रीना, नवली, सुमेर, सागर, कुलश्रेष्ठ, तारा, पुनी, गजानंद और रिंकू सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेमलता रावत ने किया।


