सागर में परिवहन विभाग ने सोमवार को स्कूली वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया। सोमवार को टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में 25 स्कूली बसों की जांच की। इस दौरान दो बसों में बड़ी गड़बड़ी मिली। एक बस बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रही थी, जिस पर 40 हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान एक स्कूल बस में इमरजेंसी गेट नहीं मिला। सुरक्षा में लापरवाही मानते हुए विभाग ने उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। वहीं, बस क्रमांक MH 04 G 7148 के पास न तो परमिट था और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट। इस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 40 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। टीम ने कुल 25 बसें चेक कीं, जिनमें मिली सामान्य कमियों को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। संचालकों को हिदायत- सुप्रीम कोर्ट के नियम मानें क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) ने बस संचालकों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि बसों का संचालन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत ही होना चाहिए। बस में स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), फिटनेस और बीमा होना अनिवार्य है। ड्राइवर के पास हैवी लाइसेंस हो और वह निर्धारित यूनिफॉर्म में ही गाड़ी चलाए। पेरेंट्स से अपील: ओवरलोडिंग दिखे तो शिकायत करें विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें। जिन वाहनों में उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं, उनकी जांच वे खुद भी करें। अगर बस में क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए जा रहे हैं या कोई अन्य अनियमितता दिखती है, तो तुरंत परिवहन विभाग को सूचित करें, ताकि कार्रवाई की जा सके।


