बच्चा अदली-बदली के मामले में गुरुवार को डीएनए टेस्ट कराने 6 लोगों का सैंपल लिया गया। इन 6 लोगों में शबाना व साधना के पास मौजूद बच्चे, शबाना व साधना स्वयं तथा उन दोनों के पति शामिल रहे। इन सैंपल को राज्य फॉरेंसिक लैब रायपुर भेजा गया। प्रभारी सीएमएचओ डॉ. सीबीएस बंजारे के मुताबिक वहां सरकारी एक्सपर्ट डीएनए जांच करेंगे। जांच उपरांत मिलने वाली रिपोर्ट को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। फिर दोनों बच्चों को उनके वास्तविक माता-पिता को सपुर्द करने का निर्णय समिति लेगी। समिति व कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को बच्चा अदली-बदली प्रकरण से संबंधित सभी पक्षकारों के डीएनए टेस्ट के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू, आरएमओ डॉ. अखिलेश यादव, पैथोलॉजिस्ट डॉ. जिज्ञासा को शामिल किया गया था। .. जानिए… बच्चा अदली बदली की पूरी दास्तान
यह मामला 23 जनवरी का है, लेकिन 2 फरवरी को सबके संज्ञान में आया। डिलीवरी के बाद मदर चाइल्ड यूनिट से घर पहुंची प्रस्तुति शबाना की नजर अपने पास बच्चे के हाथ में लगे आईडी बैंड पर पड़ी। उस पर उसकी जगह उसके साथ ही बच्चे को जन्म देने वाली दूसरी प्रसूति साधना नाम लिखा था। उसने मिले बच्चे और जन्म के बाद अपने बच्चे की ली गई फोटो का मिलान किया तो बच्चे का चेहरा मैच नहीं किया। फिर शबाना सभी सबूतों के साथ मदर चाइल्ड यूनिट पहुंची। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने साधना से कांटेक्ट कर बच्चा आपस में बदलने का निवेदन किया, लेकिन लगाव हो जाने का हवाला देकर साधना ने इंकार कर दिया। ऐसे में विवाद की स्थिति बनी। तब इसमें संज्ञान लिया गया।


