उदयपुर जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल में 12 दिन के मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जोरदार हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने डॉक्टर और नर्सिग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इससे पहले विरोध करने हॉस्पिटल स्टाफ और परिजनों में तीखी बहस हुई और धक्का मुक्की तक नौबत आ गई। परिजन और उनके रिश्तेदार इलाज करने वाले डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ को NICU के बाहर बुलाने की मांग पर अड़ गए। माहौल गर्माता देख प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से समझाइश का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा चलता रहा। इसके बाद परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें हॉस्पिटल डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।वहीं मामले में हॉस्पिटल प्रबंधन के भवभूति भट्ट ने बताया कि परिजनों ने जो लापरवाही के आरोप लगाए है वे बेबुनियाद है। डॉक्टर और स्टाफ का प्रयास हर बच्चे को सही इलाज करने और बचाने का रहता है। उन्होंने वही काम करने का प्रयास किया था। पिता बोले-हाईडोज इंजेक्शन से बिगड़ी बच्चे की हालत
शिशवी निवासी अजय खटीक ने बताया कि उसकी पत्नी ने 26 दिसंबर को बेटे को जन्म दिया था। 2 दिन बाद हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद बच्चे के आंख में तकलीफ होने पर उसे वापस हॉस्पिटल लेकर आए। जहां बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया। बच्चे के पिता अजय खटीक के मुताबिक बच्चा रात में सामान्य था लेकिन अचानक सुबह उसकी तबियत बिगड़ गई। बच्चा होश में नहीं था। डॉक्टर को बुलाया। उन्होंने बच्चे को सीपीआर लेकिन बच्चे की सांस बंद हो चुकी थी। बाद में नर्सिंग स्टाफ से पता लगा कि बच्चे को रात को हाईडोज इंजेक्शन दिए थे, जिससे उसकी हालत बिगड़ी है।


