चित्तौड़गढ़ में सोमवार को राजस्थान पुलिस ने “ऑपरेशन जागृति चरण-04” के तहत जागरूकता वाहन रैली का आयोजन किया। यह रैली एसपी ऑफिस से शुरू होकर रोडवेज बस स्टैंड, सुभाष चौक, गोल प्याऊ चौराहा, महाराणा सेतु मार्ग होते हुए वापस कलेक्ट्री चौराहे पर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली में पुलिस की टीम, यूनिसेफ के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी के हाथों में जागरूकता से जुड़े बैनर और पोस्टर थे, जिन पर बच्चों की सुरक्षा और पोक्सो एक्ट से संबंधित संदेश लिखे हुए थे। लोगों ने नारे लगाकर समाज को बाल सुरक्षा का संदेश दिया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने और पोक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के बारे में आम जनता को जागरूक करना है। पुलिस का मानना है कि जब समाज को इस कानून की जानकारी होगी, तब ही बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में कमी आ सकेगी। 7 दिन तक चलेगा अभियान एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पूरे उदयपुर रेंज के जिलों में “सुरक्षा सप्ताह” के तहत यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका नाम ऑपरेशन जागृति-4 रखा गया है। इस अभियान का मकसद बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम और लोगों में कानूनी जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि यह एक सप्ताह तक चलने वाला अभियान है, जो 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। शहर और गांवों के लोगों को किया जाएगा जागरूक एसपी त्रिपाठी ने कहा कि पोक्सो एक्ट एक बहुत ही जरूरी कानून है, जो बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है। लेकिन अभी भी समाज के बहुत से लोग इस कानून की जानकारी से अनजान हैं। इसलिए पुलिस ने तय किया है कि इस पूरे सप्ताह के दौरान शहर और गांवों में जाकर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताएं, सेमिनार और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान पुलिस और यूनिसेफ मिलकर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को बताएंगे कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने पर तुरंत शिकायत कैसे करें और कौन से नंबर पर संपर्क करें। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि झिझक या डर के कारण कोई बच्चा चुप न रहे, बल्कि अपनी बात खुलकर बताए। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं और पुलिस कर्मियों ने “बच्चों की सुरक्षा, सबकी जिम्मेदारी” और “पोक्सो एक्ट का करें सम्मान, बच्चों का रखें ध्यान” जैसे नारे लगाकर माहौल को जागरूकता से भर दिया।


