रूटीन बनाएं और उसे फॉलो करें : बच्चों की परवरिश में सबसे जरूरी है कि माता-पिता खुद के लिए और बच्चों के लिए एक फिक्स रूटीन तैयार करें। अगर दिनचर्या तय होगी, तो काम का दबाव कम होगा और पेरेंट्स को अनावश्यक भागदौड़ से बचने में मदद मिलेगी। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने लिए भी समय निकालें। पढ़ने, योग करने या संगीत सुनने जैसी एक्टिविटीज अपनाकर वे अपने दिमाग को रिलैक्स कर सकते हैं, जिससे पेरेंटिंग स्ट्रेस कम होगा। बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं : सिर्फ बच्चों की जरूरतें पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके साथ समय बिताना भी जरूरी है। बातचीत करें, खेलें और उनके इमोशंस को समझने की कोशिश करें। इससे न सिर्फ बच्चे खुश रहेंगे, बल्कि माता-पिता का भी तनाव कम होगा। घर के हर काम को अकेले करने की बजाय पार्टनर या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम बांटें। इससे न सिर्फ काम का बोझ हल्का होगा, बल्कि पेरेंटिंग ज्यादा आसान लगेगी। बच्चों से बहुत ज्यादा उम्मीदें न रखें : अक्सर माता-पिता बच्चों से परफेक्शन की उम्मीद करने लगते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। बच्चों को उनकी उम्र और क्षमता के अनुसार बढ़ने दें और उन पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। अगर पेरेंटिंग की वजह से बहुत ज्यादा तनाव महसूस हो रहा है, तो परिवार के किसी सदस्य, दोस्त या काउंसलर से बात करें। इससे मन हल्का होगा और चीजों को नए नजरिए से देखने का मौका मिलेगा। स्वस्थ खान-पान और नींद का ध्यान रखें, ताकि एनर्जी बनी रहे : अस्वस्थ जीवनशैली भी तनाव को बढ़ा सकती है। माता-पिता को चाहिए कि वे हेल्दी फूड खाएं और पर्याप्त नींद लें। जब शरीर स्वस्थ रहेगा, तो मन भी शांत रहेगा। बच्चों की गलतियों पर तुरंत गुस्सा करने की बजाय धैर्य रखें और उन्हें समझाने की कोशिश करें। इससे माता-पिता और बच्चों के बीच बेहतर संबंध बनेंगे और तनाव कम होगा। फाइनेंशियल प्लानिंग करें, ताकि आर्थिक तनाव न हो : बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की प्लानिंग पहले से करने से अचानक आने वाले आर्थिक तनाव से बचा जा सकता है। बजट बनाकर खर्च करने से माता-पिता को मानसिक शांति मिलेगी। हर माता-पिता गलतियां करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे बुरे माता-पिता हैं। खुद को दोषी महसूस करने की बजाय अपनी गलतियों से सीखें और पेरेंटिंग को एंजॉय करें। भास्कर न्यूज| लुधियाना। बच्चों की परवरिश आसान नहीं होती, खासकर तब जब माता-पिता को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। कई बार पेरेंटिंग की जिम्मेदारियों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि माता-पिता खुद को थका हुआ और चिड़चिड़ा महसूस करने लगते हैं, लेकिन अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो इस तनाव को कम किया जा सकता है और बच्चे भी बेहतर माहौल में बड़े हो सकते हैं। असरदार टिप्स एक्सपर्ट की तरफ से दिए जा रहे हैं, जो पेरेंटिंग स्ट्रेस को कम करने में मदद करेंगे और परिवार के माहौल को खुशहाल बनाएंगे। अगर माता-पिता इन टिप्स को अपनाएंगे, तो न सिर्फ उनका तनाव कम होगा, बल्कि बच्चे भी ज्यादा खुशहाल माहौल में बड़े होंगे। पेरेंटिंग का सफर आसान नहीं होता, लेकिन सही रणनीति से इसे खुशनुमा और तनावमुक्त बनाया जा सकता है।


