भास्कर न्यूज | देवरीबंगला शासकीय प्राथमिक शाला खैरा में वार्षिकोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य की विभिन्न विधाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की इंद्रधनुषी छटा बिखेरी। पारंपरिक नृत्यों के साथ-साथ रिमिक्स गीतों पर भी बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्यों ने जहां लोगों में राष्ट्रप्रेम का जोश भरा, वहीं धार्मिक और पारंपरिक प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। बच्चों ने पंथी नृत्य, सुआ, करमा, छेरछेरा, राउत नाचा, आदिवासी नृत्य, बारहमासी नृत्य प्रस्तुत किए। साथ ही नाट्य मंचन के माध्यम से शिव-सती की प्रेम कथा, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और हॉरर कॉमेडी जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रभा नायक ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा ने शाला के आहाता निर्माण के लिए 2 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं, बच्चों के अनुशासन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में दुर्गा ठाकुर, टीकमबाई निषाद, हीना साहू, पवन निषाद, बरसन निषाद, मेनका उइके, मेघनाथ निषाद, नंदकुमार सिन्हा, टीएल साहू, एचके साहू, बलराज गौर, भारत लाल रावटे, दीपिका निषाद, आमीनबाई यादव सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे। शाला भवन निर्माण की मांग रखी गई प्रधानपाठक दीनकुंवर साहू ने स्वागत भाषण एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। शाला प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष मेघनाथ निषाद ने शाला भवन, आहाता निर्माण और बालक-बालिका शौचालय निर्माण की मांग रखी। वहीं सरपंच हीना साहू ने शाला भवन और खैरा मुक्तिधाम प्रतीक्षालय निर्माण की मांग की। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र निषाद एवं मिलाप सिंह देशमुख ने किया। अंत में शाला के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया।


