अब हर साल अलवर में सिलीसेढ़ झील पर फरवरी माह में बर्ड फेस्टिवल होगा। शनिवार को बर्ड फेस्टिल में स्कूली बच्चों ने दूरबीन से सुरखाव, ब्राह्णाणी डक, उल्लू सहित अनेक देशी विदेशी पक्षी देखे। दुनिया भर से आने वाले 200 से अधिक पक्षियों के बारे में बच्चों को जानकारी दी गई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी ने बहुत बढ़िया कहा है कहीं मंदिर, कहीं मस्जिद कहीं गिरजाघर बना बैठे, हमसे तो परिंदे अच्छे हैं कभी इधर बैठे, कभी उधर बैठे। बिना भेदभाव व सरहद के आर-पार स्वछंद तरीके से प्रकृति के साथ विचरण करते हैं। पक्षी ही प्रकृति के बीज को फैलाते हैं। इंसान चांद पर जा सकता है लेकिन इंसान छोटा सा पक्षी नहीं बना सकता। हम मशीन चला सकते हैं लेकिन उसमें प्राण नहीं ला सकते हैं। प्रकृति प्राण देती है यह अनमोल उपहार है। हमें उसके साथ जीवन जीना चाहिए। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कटीघाटी पर नया बायोलॉजिकल पार्क बनेगा। साइंस पार्क विकसित होगा। अलवर को दुनिया के नक्शे पर लाने के लिए टाइगर मैराथन शुरू की है। टाइगर मैराथन में 18 हजार 500 लोगों ने रजिस्टे्रशन करा किट ली है। अब हर साल फरवरी के महीने में बर्ड फेस्टिवल भी होगा। यहां करीब 200 से अधिक प्रजाति आती हैं। दूरबीन से बच्चों ने देशी विदेशी पक्षी देखे हैं। पहली बार बर्ड वाचिंग विषय बजट में केंद्रीय मंत्री नेक हा कि देश में 98 रामसर साइट को चिहि्नत किया है। गुरुग्राम में सुल्तानपुर है। रोहतक में भिडूसी है। हिमाचल में रेणूका सागर है। कश्मीर में वलूर लेक है। उड़ीसा में चिल्का लेक है। ऐसी अनेक लेकर रामसर साइट में शामिल हैं। पहली बार सरकार ने बर्ड वाचिंग विषय भी बजट में रखा गया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि हम अरावली के सरंक्षण व विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हमने अरावली क्षेत्र में ग्रीन वाल प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसी को लेकर टाइगर मैराथन हो रही है। अगले फरवरी में दुनिया भर के लोग बर्ड वाचिंग के लिए आएं। ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए। अलवर आध्यात्म की बड़ी धरती है। ये स्थली दुनिया के नक्शे पर आगे बढ़े। यह हम सबका काम होगा।


