पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय सभागार में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर प्रेस कांफ्रेंस ली। जिसमें उन्होंने कहा कि यह बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। मंत्री कुमावत ने कहा कि यह बजट देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों—आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला, पुरूष, किसान, स्टूडेंट, युवा, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग सभी के कल्याण के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि बजट में रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट के माध्यम से कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी, साथ ही जिला अस्पतालों के उन्नयन और प्रत्येक जिले में इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की जाएगी। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना के विस्तार के तहत महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। देश की आर्थिक मजबूती के लिए बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है।


