बड़वानी जिला अस्पताल को शासन से मिले दो शव वाहन दो महीने भी सुचारू रूप से नहीं चल पाए। इनमें से जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्रा.लि. का एक शव वाहन 1 अक्टूबर से तकनीकी कारणों से बंद हो गया है। यह वाहन आयुष विंग के सामने खड़ा है, जिससे एक से अधिक शव होने पर परिवहन में समस्या आ रही है। समाजसेवी आसिफ शेख के अनुसार, एकमात्र चालू शव वाहन बीते दो महीनों में 6,605 किलोमीटर चल चुका है। यह वाहन जिला अस्पताल के साथ-साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सेवाएं दे रहा है। वाहन समय पर न मिलने से लोगों को अपने परिजनों के शव ले जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अस्पताल में किसी मरीज की मृत्यु होने पर परिजनों को शव को गांव या शहर ले जाने के लिए 108 पर कॉल करना होता है। इसके अलावा, चिकित्सक और स्टाफ द्वारा 6269907250 नंबर दिया जाता है, जिस पर डेथ पर्ची भेजनी होती है। इस प्रक्रिया में कई बार 10 मिनट से अधिक का समय लग जाता है। भोपाल स्तर से आईडी मिलने के बाद ही शव को संबंधित स्थान पर ले जाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह प्रक्रिया समझना मुश्किल होता है। संबंधित कंपनी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कमलेश चौहान ने बताया कि एक वाहन 1 अक्टूबर से बंद है। इन वाहनों के संचालन में दो-दो पायलट तैनात रहते हैं, जो 12-12 घंटे की ड्यूटी देते हैं। प्रतिदिन 4 से 5 मामले आते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी कारणों से बंद पड़े वाहन को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।


