बड़वानी जिले के पानसेमल क्षेत्र में ग्रामीणों को खेतों और श्मशान घाट जाने वाले मार्ग पर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के निर्माण के कारण मतराला गांव के लोगों का आवाजाही में दिक्कतें आ रही है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद नायब तहसीलदार राजाराम रानाडे और प्रज्ञा पाटीदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और समाधान का आश्वासन दिया। अक्टूबर महीने से शुरू हुआ है स्कूल का निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से इस एकलव्य मॉडल स्कूल का निर्माण करवाया जा रहा है। अक्टूबर महीने से शुरू हुए इस कार्य को राजस्थान की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बना रही है। निर्माण कार्य के दौरान मतराला के खयड़ा फलिया आने-जाने के लिए उपयोग किए जा रहे पुराने मार्ग को बंद कर दिया गया है, और इसे एक वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। ग्रामीणों ने 30 फीट चौड़े वैकल्पिक रास्ते की मांग ग्रामीणों का कहना है कि डायवर्ट किया गया मार्ग बेहद खराब है, जिससे उन्हें आवागमन में परेशानी हो रही है। विशेषकर, किसी की मौत होने पर श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने एक सरल और लगभग 30 फीट चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पहले ही एसडीएम और तहसीलदार को आवेदन दिया था। समस्या के निराकरण के लिए नायब तहसीलदार राजाराम रानाडे और नायब तहसीलदार प्रज्ञा पाटीदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पटवारियों से चर्चा की और नक्शे का अवलोकन किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का यथासंभव निराकरण करवाया जाएगा। देखिए तस्वीरें… सड़क इतनी खराब कि बाइक चलाना भी मुश्किल ग्रामीण अमबरत ने बताया कि इस मार्ग को लेकर उन्हें काफी परेशानी आ रही है। कंपनी ने सड़क बनाने का वादा किया है, लेकिन जिस तरफ से वे सड़क बना रहे हैं, वहां मोटरसाइकिल चलाना भी संभव नहीं है। उन्होंने एक अच्छी सड़क की मांग की, ताकि श्मशान घाट और खेतों तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि फसलें निकलने पर उन्हें खेतों से मंडी तक ले जाने में समस्या होगी। ग्रामीण खेतों और श्मशान घाट जाने को लेकर मांग कर रहे नायब तहसीलदार राजाराम रानाडे ने स्पष्ट किया कि एकलव्य मॉडल स्कूल दो गांवों की सीमा (काकड़) के बीच प्रस्तावित है और इसका निर्माण कार्य सरकारी जमीन पर ही किया जा रहा है। गांव मतराला के फलिया खेड़ा के ग्रामीण रास्ते को लेकर मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर हमारी बातचीत उनसे हो रही है एक तरफ हम लोगों ने उन्हें रास्ता दे दिया है। दूसरी तरफ से और रास्ते की मांग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और श्मशान घाट जाने के लिए उन्हें रास्ते की आवश्यकता है। ग्रामीणों से चर्चा की गई है। और उन्हें आश्वासन दिया है कि रास्ते को लेकर हम आसपास के कृषकों से बात करके रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।


