बड़वानी जिले में खेतिया को सेंधवा से जोड़ने वाला स्टेट हाईवे अब नेशनल हाईवे घोषित हो चुका है। यह मार्ग मध्यप्रदेश को गुजरात और महाराष्ट्र से जोड़ता है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गड्ढों के कारण कई स्थानों पर सड़क दिखाई ही नहीं देती, जिससे राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं। पदयात्रा के बाद NH का दर्जा मिला पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने इस सड़क की स्थिति सुधारने के लिए खेतिया से भोपाल तक पदयात्रा भी की थी। उन्होंने सितंबर 2011 में सेंधवा से खेतिया मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए पदयात्रा की थी। इसके बाद 9 फरवरी 2012 से 20 फरवरी 2012 तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ खेतिया से भोपाल तक की पदयात्रा की। इस पदयात्रा के बाद इसे नेशनल हाईवे का दर्जा मिला। घायलों को ले जाने में परेशानी डॉक्टर दर्शन जाधव ने बताया कि इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घायल मरीज आए दिन अस्पताल आते हैं। शनिवार देर रात भमराटा फाटे के पास 25 वर्षीय पंकज देवा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। FRV वाहन के पुरुषोत्तम थालनेरे और आरक्षक खुमसिंह धार्वे ने घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाया। खेतिया और पानसेमल के बीच दौंडवाडा, मौयदा, भमराटा नाका, निसरपुर और मेलन जैसे कई स्थानों पर सड़कें गड्ढों से छलनी हैं। भारी वाहन हों या दोपहिया, दोनों के लिए यह मार्ग खतरनाक है। SDM ने कहा, 4-5 दिन में शुरू होगा काम पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने बताया कि मार्ग की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग से चर्चा हो चुकी है। अगले 4-5 दिनों में आवश्यक सुधार कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। हाईवे की अन्य तस्वीरें…


