बड़वानी जिले के अंजड में रविवार को मां नर्मदा आयोजन समिति ने हिंदू सम्मेलन किया। इस कार्यक्रम में नगर की चार बस्तियों से करीब 20 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को लेकर लोगों में इतना उत्साह था कि पूरा अंजड शहर स्वेच्छा से बंद रहा। सुबह से ही चाय, होटल, सब्जी और दूध जैसी दुकानें भी नहीं खुलीं और हर तरफ सन्नाटा रहा क्योंकि सभी लोग सम्मेलन में गए थे। यह कार्यक्रम शहर की चार बस्तियों-चंद्रशेखर आजाद, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और सुभाषचंद्र बोस बस्ती में एक साथ शुरू हुआ। सबसे पहले भजन और देशभक्ति के गीत गाए गए। इसके बाद स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रोग्राम पेश किए। लोगों को जागरूक करने के लिए पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और अच्छे संस्कारों पर नाटक भी दिखाए गए। अतिथियों ने भारत माता की पूजा और दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। संतों और वक्ताओं ने दी सीख हर बस्ती के मंच पर साधु-संत और जानकार वक्ता मौजूद थे। संतों ने हिंदू धर्म और संस्कृति के बारे में बताया, वहीं महिला वक्ताओं ने स्वदेशी सामान अपनाने, पर्यावरण बचाने और परिवार में अनुशासन जैसे विषयों पर बात रखी। मुख्य वक्ताओं ने देश के इतिहास, मौजूदा चुनौतियों और हिंदू एकता की जरूरत पर जोर दिया ताकि सभी लोग एकजुट रहें। समाज प्रमुखों का सम्मान और सामूहिक भोज कार्यक्रम के दौरान नगर के करीब 60 समाज प्रमुखों का सम्मान किया गया। इसके बाद सभी बस्तियों में एक साथ भारत माता की आरती की गई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ‘समरसता भोज’ यानी सामूहिक दावत हुई, जहां सभी लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। यह पूरा आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला। चंद्रशेखर आजाद बस्ती में संत शंकरजी महाराज, संतोष जी महाराज, अरविंद तिवारी, महिला वक्ता अर्चना काग और मुख्य वक्ता महादेव यादव उपस्थित रहे। महाराणा प्रताप बस्ती में संत श्री योगी अर्जुननाथ आई पंथ के महाराज, महिला वक्ता नमी पहाड़िया और मुख्य वक्ता रेवाराम कुमावत मौजूद रहे।


