छतरपुर के बड़ामलहरा स्थित शासकीय अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास एक बार फिर अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में है। छात्रावास अधीक्षक शमिल कुमार गौतम पर छात्रों से मारपीट के आरोप भी लगे हैं, लेकिन इन आरोपों के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। छात्रावास में गंदगी, टूटी सुविधाएं और बदहाल कमरे देखे गए। जब अधीक्षक शमिल कुमार गौतम से इन अव्यवस्थाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दावा किया कि स्वीपर एक दिन छोड़कर सफाई करने आता है। हालांकि, मौके पर बाथरूम-शौचालय के टूटे दरवाजे और कॉरिडोर में जमी मिट्टी व गंदगी महीनों से सफाई न होने का संकेत दे रही थी। छात्रों को स्वच्छ पेयजल, साफ बर्तन और गुणवत्तापूर्ण भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। छात्रावास में फर्नीचर भी जर्जर हालत में है। छात्रों का आरोप है कि अधीक्षक ही इन व्यवस्थाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। आरोप- अफसरों की साठगांठ से मामला दबा
यह पहला मौका नहीं है जब अधीक्षक पर आरोप लगे हैं। कुछ महीने पहले छात्रों ने अधीक्षक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। नायब तहसीलदार विशम्बर सिंह मरावी ने इस मामले में पंचनामा बनाकर एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा था, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उच्च अधिकारियों की साठगांठ के कारण मामला दबा दिया गया। इस संबंध में छात्रावास अधीक्षक शामिल कुमार गौतम से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। आदिम जाति कल्याण विभाग के मनोज अहिरवार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है और अधीक्षक को वहां से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।


