बड़ा तालाब से गाद और जलकुंभी कैसे निकाले जा रहे, हरमू नदी में नाले का गंदा पानी कैसे रोकेंगे

झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को रांची के जलस्त्रोंतों में फैले कचरा और अतिक्रमण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचन्द्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार को बताने को कहा है कि बड़ा तालाब से गाद और जलकुंभी निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अब तक कितना खर्च किया गया और कितना गाद व जलकुंभी निकाली गई है। हरमू नदी को प्रदूषण और अतिक्रमण से बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। जल स्रोतों को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, कितना अतिक्रमण हटाया गया है। अदालत ने राज्य सरकार से पूरे मामले पर 21 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार की आेर से जवाब दाखिल किया गया। नगर निगम ने बताया है कि हरमू नदी की समय-समय पर सफाई कराई जा रही है। नदी में ठोस कचरा न जाए, इसलिए नालियों में जाली लगाई जाएगी। बड़ा तालाब से जलकुंभी निकाली जा रही है। नालियों के पानी को ट्रीटमेंट करके साफ पानी तालाब में छोड़ा जा रहा है। बड़ा तालाब में 10 लाख ई-बॉल डाला गया, फिर भी दुर्गंध बड़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) को साफ करने के लिए ई-बॉल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया था। इस पर निगम ने करीब 10 लाख रुपए खर्च कर दिए। इसके बावजूद पानी का रंग नहीं बदला। अभी भी तालाब से दुर्गंध उठ रही है। आसपास खड़ा होना मुश्किल है। पानी का रंग कहीं हरा तो कहीं काला है। साफ पानी कहीं नहीं है। पानी के ऊपर तेल जैसी मोटी परत भी जमा है। सेवा सदन अस्पताल के सामने तालाब के पानी वाले क्षेत्र में एक ओर कचरे का ढेर लगा है। इसकी सफाई नहीं हुई। इसके अलावा तालाब में गंदे पानी का प्रवेश रोकने के लिए 9 करोड़ खर्च करके एसटीपी बनाया गया है। इसके बावजूद तालाब में गंदा पानी जा रहा है। क्यांेंकि, एसटीपी की क्षमता मात्र 3 एमएलडी है और गंदे पानी का प्रवाह इससे अधिक है। गाद निकालने के लिए अब जल संसाधन विभाग से मांगा गया सुझाव अदालत में पिछली बार हुई सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता झारखंड सिविल सोसाइटी की आेर से बताया गया था कि बड़ा तालाब में जब तक गहराई में जमे गाद को नहीं हटाया जाएगा, तब तक सफाई नहीं होगी। हरमू नदी में भी दर्जनों मुहल्लों का गंदा नाला सीधे गिर रहा है। इस पर सरकार की आेर से बताया गया था कि बड़ा तालाब में जमे गाद को निकालने के लिए नगर विकास विभाग ने जुडको को पत्र लिखा था, लेकिन जुडको ने इसमें असमर्थता जताई है। इसके बाद विभाग ने जल संसाधन विभाग को पत्र लिखकर गाद निकालने पर सुझाव मांगा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *