पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया शनिवार को बांसवाड़ा के गढ़ी जाते हुए कुछ देर के लिए डूंगरपुर के सर्किट हाउस में रुकी। भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वसुंधरा राजे ने कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की ओर प्रशासनिक कामकाज को लेकर नाराजगी जताई। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सर्किट हाउस में स्वागत के बाद कमरे में सबसे पहले पूर्व विधायक देवेन्द्र कटारा को अपने पास बुलाया। इसके बाद देवेन्द्र कटारा ने उनके पैर छुए और फिर बगल के ही दूसरे सोफे पर बैठ गए। इसके बाद वसुंधरा राजे ने कहा जिलाध्यक्ष कहां है। तब कोई कार्यकर्ता जवाब नहीं दे सका। कुछ देर बाद एक कार्यकर्ता ने कहा वे सागवाड़ा में स्वागत के लिए खड़े है।
इसके बाद वसुंधरा राजे ने पूछा बताओ आजकल क्या चल रहा है ? इस पर सामने सोफे बैठे पूर्व जिलाध्यक्ष ओर पूर्व सभापति गुरुप्रसाद पटेल ने कहा कि प्रशासन में को सुनता नहीं है। गुरुप्रसाद ने प्रशासन के कामकाज को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की शिकायत की। इसके बाद वसुंधरा ने बंद कमरे में समस्याएं सुनी। सभापति अमृत कलासुआ ने कहा कि डूंगरपुर नगर परिषद हर साल स्वच्छता में पुरस्कार जीत रही है, लेकिन कोई बजट या इनाम राशि नहीं मिलती। बजट मिलता है तो नए उपकरण खरीद सकते है और अच्छा काम कर सकते है। इस दौरान वसुंधरा राजे ने मीडिया के भी सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। सरकार के 2 साल के कार्यकाल को लेकर सवाल पूछने पर वसुंधरा राजे ने कहा कि वे बांसवाड़ा के लिए जा रही है। उनका कोई पॉलिटिकल कार्यक्रम नहीं है। इसके बाद वे बांसवाड़ा के गढ़ी के लिए रवाना हो गई। जहां वे विधायक कैलाश मीणा के पुत्र के निधन पर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देगी।


