बदलते मौसम का सेहत पर असर:इस बार पोस्ट वायरल सिंड्रोम ज्यादा दिन रह रहा, बच्चों और बुजुर्गों को खास बचाव की जरूरत

बुखार ठीक होने में लग रहे 15 से 20 दिन, बाद में भी लंबे समय तक थकान-कमजोरी ओपीडी में रोजाना 650 से बढ़कर 1100 तक हुए मरीज बदलते मौसम और वायु प्रदूषण ने इस बार वायरल फीवर का नेचर पूरी तरह बदल दिया है। अब बुखार 5-7 दिन में ठीक होने के बजाय 15 दिन तक परेशान कर रहा है। यही नहीं, पोस्ट वायरल सिंड्रोम भी लंबे समय तक बना हुआ है। हमीदिया, जेपी और एम्स में ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की ओपीडी जहां एक दिन में 650 थी, वह अब 1100 के आसपास हो गई है। इन दिनों ओपीडी में हर चौथा मरीज बुखार, सर्दी, खांसी और गले की खराश की शिकायत लेकर आ रहा है। वायरल फीवर के बाद पोस्ट वायरल सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों को लंबे समय तक कमजोरी, थकान, और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो रही है। डॉक्टर बताते हैं कि वायरल इन्फेक्शन के बाद प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। यह स्थिति पोस्ट वायरल सिंड्रोम कहलाती है। इसमें मरीज को बुखार खत्म होने के बाद कई तरह की नई परेशानियां घेर रही हैं। जेपी व हमीदिया की ओपीडी में वायरल इन्फेक्शन के बाद कमजोरी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या 40% तक पहुंच गई है। 10 दिन में दो बार बदला मौसम, खांसी-चर्मरोग बढ़े गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनिल सेजवार ने बताया कि 10 दिन में मौसम दो बार बदला है। इसके चलते दिन में ठंड पड़ने लगी है। बाहर घूमने वाले लोगों में इसके चलते सर्दी, खांसी और खराश की समस्या बढ़ी है। साथ ही खुजली, चकत्ते जैसी समस्या बढ़ी है। इधर, वायरल फीवर के चलते प्राइवेट क्लीनिकों पर भी भीड़ लग रही है। वरिष्ठ डॉक्टर्स का मानना है कि इस तरह के मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। ओपीडी में आने वाले हर तीसरे बच्चे के फेफड़ों में संक्रमण, वायरल के साथ खांसी और चकत्ते डॉक्टर बोले- वायु प्रदूषण बढ़ने से सांस लेने में हो रही तकलीफ वायु प्रदूषण का असर बच्चों पर भी हो रहा है। जीएमसी के पीडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश टिक्कस ने बताया कि ओपीडी में हर तीसरा बच्चा फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित है। वायरल फीवर में इन्हें खांसी परेशान कर रही है। शरीर में प्लेटलेट्स के अंदर हिस्टामिन रिलीज हो रहा है। इससे चेहरे और शरीर पर लाल चकत्ते बन रहे हैं। ये बुखार के दूसरे या तीसरे दिन नजर आते हैं। ओपीडी में 35% तक ऐसे बच्चे आ रहे हैं। ऐसे करें बचाव-देखभाल इस बार बच्चों को वायरल फीवर में सबसे ज्यादा खांसी परेशान कर रही है। इसे ठीक होने में दो हफ्ते तक लग रहे हैं। वायु प्रदूषण से बच्चों के फेफड़ों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। -डॉ. राहुल अग्रवाल, चाइल्ड स्पेशलिस्ट

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