बदलाव:वायरल 48 घंटे में सीवियर निमोनिया में हो रहा तब्दील, फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत

वायरल के नेचर में इस बार बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर वायरल फीवर से निमोनिया होने मे 8 से 10 दिन का समय लग जाता है, लेकिन यह घातक रूप नहीं ले पाता है। इस बार वायल फीवर सीवियर निमोनिया में परिवर्तित होने में 24 से 48 घंटे का समय लग रहा है। इतना ही नहीं कुछ केस में तो सीवियर निमोनिया के चलते मल्टी ऑर्गन फेलियर के मामले भी सामने आ रहे हैं। पिछले 15 दिन में सीवियर निमोनिया के बाद मल्टी ऑर्गन फेलियर के चलते 10 मरीज मरीजों की मौत हो चुकी है। वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. उज्जवल शर्मा ने बताया कि वायरल पहले से इस बार ज्यादा ताकतवर हुआ है। इसके चलते वायरल की बीमारी के नेचर में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले वायरल फीवर के जो मरीज आते थे उनमें निमोनिया के लक्षण आने में 7 से 10 दिन का समय लगता था। इस बार वायरल फीवर के जो मरीज सामने आ रहे हैं उनमें 24 घंटे से 48 घंटे के अंदर ही सीवियर निमोनिया देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं सीवियर निमोनिया के चलते लिवर, किडनी, हार्ट और ब्रेन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। अगर सही समय पर मरीज का इलाज नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी साबित हो रहा है। सर्दी के मौसम में यह ज्यादा घातक हो जाता है। 15 दिन में सीवियर निमोनिया से मल्टी ऑर्गन फेल होने से 10 मरीज की हुई मौत केस-1… सराफा बाजार निवासी 55 वर्षीय किशन चंद जैन 15 दिन पहले हॉस्पिटल में दिखाने आए तो उन्हें बुखार की शिकायत थी। जब उनकी जांच कराई गई तो उनके फेफड़े में 90% इंफेक्शन फैल चुका था। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। कुछ देर बाद ही उन्हें वेंटीलेटर पर लेना पड़ा। भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनकी मौत हो गई। केस-2… मुरार निवासी 29 वर्षीय आदित्य चौहान को दो दिन से बुखार और खांसी की शिकायत थी। परिजन ने चेस्ट फिजीशियन की सलाह पर जांच कराई तो पता चला कि उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया के साथ पानी भरने की शिकायत पायी गई। इसके बाद उन्हें भर्ती कर इलाज किया गया। 5 दिन इलाज के बाद उन्हें राहत हुई जिसके बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। केस-3… डबरा निवासी सुशीला चौहान को 3 दिन से खांसी,बुखार की शिकायत थी। दो दिन उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर दवा ली। तीसरे दिन वह बेहोश हो गईं तब परिजन अस्पताल लेकर आए। जांच में दोनों फेफड़ों में 80% फेफड़ों में इंफेक्शन था। इस कारण किडनी और दिमाग में सूजन आ गई थी। मरीज को वेंटीलेटर पर लेने के साथ डायलिसिस करनी पड़ी। अब उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। बचाव के उपाय-सर्दी में सुबह-शाम कम निकलें, हरी सब्जियां खाएं और गर्म पानी पीने की आदत डालें डॉक्टरों के मुताबिक- सर्दी के मौसम में सुबह और शाम के समय कम निकलें। घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े अवश्य पहनें। सर्दी के समय गर्म पानी पीना चाहिए। इसके अलावा सिर पर टोपा, गर्म मोजे अवश्य पहनें। बीमार लोगों से दूर रहना चाहिए। निमोनिया में विटामिन ए और जिंक जैसी पोषक तत्वों की कमी हो सकता है। इनकी कमी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं। तबीयत खराब होने पर घरेलू नुस्खे न लेते हुए तत्काल डॉक्टर की मदद लें। अचानक बढ़ रही ठंड को ध्यान में रखते हुए बुजुर्गों का ख्याल विशेष रूप से रखें। गर्म तासीर की खाद्य सामग्री का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करें। सीवियर निमोनिया के लक्षण
खांसी, बुखार, सांस की तकलीफ, सीने में दर्द, थकान, ठंड लगना या कंपकंपी शामिल हैं। साथ ही पसीना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर आना और उल्टी के लक्षण भी हो सकते हैं। 3 दिन में 8 डिग्री लुढ़का अधिकतम तापमान, इसलिए बढ़ी ठंड
दिसंबर की विदाई से पहले ही सर्दी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि तीन दिन के दौरान अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 19 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री दर्ज किया गया। ​​​​​​​

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