मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आला अधिकारियों की वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और लंदन (यूनाइटेड किंगडम) यात्रा के बाद झारखंड में 1.27 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रस्ताव मिला है। इसमें उड़ीसा एलॉय स्टील, रुंगटा माइन्स, अमलगम स्टील एंड पावर, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज, जय सस्पेंशन और अंबुजा सीमेंट ने निवेश में रुचि दिखाई है। स्टील और पावर सेक्टर, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग, उन्नत कोटिंग और फिनिश्ड स्टील, ऑटोमोबाइल उद्योग और सीमेंट उद्योग के लिए विभिन्न निवेशकों की ओर से उद्योग विभाग को आशय पत्र (एलओआई) मिले हैं। स्टील और पावर सेक्टर में निवेश का प्रस्ताव 46,555 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर… इन निवेश प्रस्तावों से राज्य के हुनरमंद युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। अनुमान है कि प्रस्तावित परियोजनाओं से 46,555 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उड़ीसा स्टील अलॉय से 20,000, रुंगटा समूह से 6,200, अमलगम स्टील से 3,000, बीएमडब्लू इंडस्ट्रीज से 1,415 और जय सस्पेंशन से 2,500 से अधिक परिवारों को रोजगार मिलेगा। दुमका में बोले सीएम-गुरुजी के वृहत झारखंड के सपने को साकार करेंगे असम में 150 साल बाद भी पहचान की लड़ाई लड़ रहे आदिवासी दुमका से मंगलवार को रांची लौटने के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से कहा कि गुरुजी के वृहत झारखंड के सपनों को साकार किया जाएगा। गुरुजी सदैव देश के उन क्षेत्रों के आदिवासियों से जुड़े रहे हैं, जहां उनकी आबादी है। देश के इन हिस्सों में रहने वाला जनजातीय समाज झामुमो परिवार को जानता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 150 साल पहले झारखंड और ओडिशा से आदिवासियों को अंग्रेज असम के चाय बागानों में काम कराने के लिए ले गए थे। दुर्भाग्यवश आज भी वे लोग अपनी पहचान और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहां रहने वाले आदिवासियों को आज तक उनका अधिकार और दर्जा नहीं मिला है। असम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय आने वाले समय में पार्टी स्तर पर होगा। आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए झामुमो हमेशा संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा।दाओस यात्रा के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का परिणाम आने वाले समय में जरूर दिखेगा।


