बद्रीनाथ धाम के कपाट सुबह 6 बजे खुल गए। सबसे पहले मंदिर के नए रावल (पुजारी) अमरनाथ नंबूदरी ने गणेश पूजा की। फिर द्वार पूजन करके मंदिर के कपाट खोले। इसके बाद पुजारी और दूसरे आचार्यों ने भगवान के अभिषेक दर्शन और पूजा के लिए मंदिर में प्रवेश किया। पुजारी सुरेश सुयाल ने बताया- कपाट खुलने के बाद गर्भगृह की सफाई होती है। फिर भगवान को शुद्ध जल से स्नान कराया जाता है और नए वस्त्र व आभूषण पहनाए जाते हैं। यह प्रक्रिया भगवान को शीतकालीन विश्राम के बाद जगाने के प्रतीक के रूप में होती है। इसके बाद श्रद्धालु अगले 6 महीने तक भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर पाएंगे। दैनिक भास्कर एप आपको बद्रीनाथ धाम के सबसे पहले दर्शन करा रहा है। इस साल बद्रीनाथ धाम परिसर में फोटो और वीडियो लेने पर बैन लगाया गया है। ऐसा करने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लग सकता है। बीते दिन भगवान बद्रीविशाल की पालकी, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, कुबेर और उद्धव की उत्सव डोली धाम पहुंची थी। इससे पहले 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री-यमुनोत्री धाम और 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए थे। बद्रीनाथ धाम की 4 तस्वीरें… कपाट खुलने से जुड़े अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाएं…


