मैहर में स्वामी नीलकंठ आश्रम के ब्रम्हलीन महंत श्री श्री 108 श्री बम महाराज की पार्थिव देह को रविवार को समाधि दे दी गई। ओयला आश्रम में आयोजित समाधि कार्यक्रम में विधि विधान के साथ महंत को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान काफी संख्या में दूर दराज से आए भक्त मौजूद रहे। शयनकक्ष में 1997 में स्वयं बनवा ली थी समाधि श्री बम महाराज ने सन 1997 में ओयला आश्रम के अपने शयनकक्ष में पहले से ही स्वयं समाधि बनवा ली थी। इसी समाधि के ऊपर पलंग पर वो सोया करते थे। उनकी अंतिम इच्छा के मुताबिक रविवार को मंत्रोच्चार के बीच उनकी पार्थिव देह को वही समाधि दी गई। 26 को मुंबई में ब्रम्हलीन हुए थे स्वामी नीलकंठ महाराज के परम प्रिय शिष्य श्री बम महाराज 26 दिसंबर को मुम्बई में हार्ट के इलाज के दौरान ब्रम्हलीन हो गए थे। शनिवार को उनकी पार्थिव देह मैहर पहुंची। जिसे नगर भ्रमण के बाद ओयला आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।


