पंजाब के बरनाला जिला पुलिस ने चंडीगढ़ के पक्के मोर्चे से जुड़े 8 किसान नेताओं को एक सप्ताह के लिए जेल भेज दिया है। पुलिस ने इन नेताओं पर धारा 751 के तहत मामला दर्ज किया है। एसडीएम बरनाला गुरवीर सिंह कोहली ने बताया कि जमानत की कार्यवाही पूरी न होने के कारण किसानों को जेल भेजा गया है। किसान नेताओं ने एसडीएम की कोर्ट में पेशी के दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की। सीएम के बैठक छोड़ने पर लिया निर्णय बीकेयू कादियां के जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह छीनी वाल और क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिला नेता मनजीत राज ने कहा कि वे संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 5 मार्च को चंडीगढ़ मोर्चा निकालेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के बैठक छोड़कर जाने के बाद किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया। घरों में घुसकर की नेताओं की गिरफ्तारी किसान नेताओं का कहना है कि सरकार के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने उनके घरों में घुसकर गिरफ्तारी की। जेल जाते समय नेताओं ने कहा कि वे जेल से नहीं डरते और अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियां तैयार हैं और वे हर हाल में चंडीगढ़ मोर्चे में शामिल होंगे। जमानत देने वाला कोई नहीं था : एसडीएम एसडीएम गुरवीर सिंह कोहली ने कहा कि आज पुलिस ने आठ किसानों को हिरासत में लिया है। जिसकी उन्होंने जांच की थी और उनके पास जमानत देने वाला कोई नहीं था। जिसके बाद उन्हें जमानत के लिए आवेदन करने का मौका दिया गया और समय सीमा होने के कारण उन्हें एक सप्ताह के लिए जेल भेज दिया गया। जैसे ही ये व्यक्ति जमानत के लिए अपनी कानूनी कार्यवाही पूरी कर लेंगे, उन्हें जमानत दे दी जाएगी। जेल भेजे गए किसान नेता पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट बरनाला द्वारा जेल भेजे गए किसान नेताओं में बीकेयू कादियां जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह छीनी वाल, गुरनाम सिंह ठीकरी वाला, यादविंदर सिंह राजगढ़, बीकेयू राजेवाल नेता अभिकरण सिंह, बीकेयू डकौंदा नेता हरमंडल सिंह जोधपुर, जगसीर सिंह सीरा शैहणा, दर्शन सिंह भैनी और दो एक किसान शामिल हैं।


