पंजाब के बरनाला की अनाज मंडी में पंजाबी और प्रवासी मजदूरों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। इंकलाबी केंद्र पंजाब के नेतृत्व में आयोजित रैली में आढ़ती, रेहड़ी-फड़ी वाले, किसान और मजदूर शामिल हुए। होशियारपुर में हरवीर की हत्या के बाद कुछ लोगों ने ‘भइये भगाओ’ जैसी मुहिम शुरू की थी। इसके विरोध में संगठनों ने प्रवासी मजदूरों के समर्थन में आवाज उठाई। हरवीर के हत्यारे को मिले सजा नरायण दत्त, डॉ. राजिंदर पाल, प्रदीप कुमार, एन.सी. जिंदल और हरभजन सिंह कुक्कू समेत नेताओं ने कहा कि हरवीर के हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरे प्रवासी समाज को दोषी ठहराना उचित नहीं है। प्रवासी मजदूरों ने कहा कि वे दशकों से पंजाबी भाइयों के साथ रह रहे हैं। खेतों से लेकर बाजार तक उनकी सांझी मेहनत है। नफरत उन्हें अलग नहीं कर सकती। हक के लिए एकजुट होने की अपील नेताओं ने फिरकापरस्त ताकतों पर पंजाबियों और मजदूरों की एकता तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इससे महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य की समस्याएं और बाढ़ से तबाह फसलों के मुद्दे पीछे छिप जाएंगे। इंकलाबी केंद्र ने लोगों से नफरत मुहिम का विरोध करने और हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील की। सभा में यह भी तय हुआ कि सब्जी मंडी की दुकानों, रेहड़ियों और मजदूरों से सहयोग जुटाकर बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद की जाएगी।


