लोहरदगा-कुडू मुख्य सड़क पर पतरा टोली स्थित शंख नदी पुल के पास सड़क की स्थिति लंबे समय से जर्जर बनी हुई है, जिससे आमजन को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुल के पास बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों व पैदल राहगीरों के लिए जोखिम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग शहर व ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क पथ है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। बावजूद इसके, सड़क की स्थाई मरम्मत की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच के जिला सचिव संजय विश्वकर्मा ने सड़क की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी मार्ग से जिला स्तरीय अधिकारी नियमित रूप से गुजरते हैं, फिर भी समस्या पर गंभीर ध्यान नहीं दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में सोशल मीडिया व अखबारों के माध्यम से मुद्दा उठाए जाने के बाद केवल औपचारिक मरम्मत की गई, जिसमें गड्ढों पर सीमेंट-कंक्रीट डाला गया, जो अल्प समय में ही उखड़ गया। वहीं समाजसेवी शमीम अंसारी ने बताया कि पुल के समीप बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होने की स्थिति बनती है, जिससे लोगों में भय व असंतोष का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क का वास्तविक स्वरूप दिखाई नहीं देता। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने और क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मामले पर लोहरदगा जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने पुल के पास सड़क की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता से वार्ता कर शीघ्र समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


