बरही एनएच-2 पर तीन अधूरे अंडरपास ने बिगाड़ी स्थिति धूल व खराब सड़क के कारण लगातार हो रहीं हैं दुर्घटना

भास्कर न्यूज | हजारीबाग बरही एनएच-2 पर निर्माणाधीन तीन अंडरपास पिछले छः वर्षों से अधूरे पड़े होने के कारण स्थानीय लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रसोईया धमना, बरही अनुमंडल और पंचमाधव के पास बन रहे ये अंडरपास अब परेशानी का कारण बन चुके हैं। निर्माण कार्य कर रही कंपनी की लापरवाही से इन क्षेत्रों में सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, धूल उड़ने से राहगीर व ग्रामीण परेशान हैं और आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से लोगों में रोष व्याप्त है। बता दे कि चोरदाहा से लेकर गोरहर तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। जिसमें बरही के पंचमाधव में अंडरपास निर्माण कार्य लगभग छः वर्षों से चल रहा है, लेकिन आज भी अधूरा है। निर्माण कार्य धीरे हो रहा है। एक तरफ का रास्ता जर्जर हो चुका है, जिससे वाहन चालकों को गंभीर जोखिम उठाना पड़ रहा है। इसी तरह, बरही अनुमंडल के पास बन रहा अंडरपास पिछले पांच वर्षों से सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। न तो निर्माण में तेजी है और न ही सड़क की स्थिति सुधर रही है। रसोईया धमना में तीन वर्ष पहले शुरू हुआ अंडरपास का काम भी अधूरा है। एक दिशा का निर्माण पूरा होने के बाद दूसरी ओर का कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इन समस्याओं से परेशान ग्रामीणों में रसोईया धमना मुखिया गोविंद साहू, पंचमाधव मुखिया नीलम देवी, प्रतिनिधि हरेंद्र गोप, समाजसेवी तौकीर रजा, सिकंदर कुमार, राजू यादव, अरविंद कुमार समेत कई लोगों ने बताया कि अधूरे अंडर पासों के कारण हादसे बढ़ गए हैं। अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि तीनों अंडर पासों का निर्माण कार्य तुरंत पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। सांसद की पहल से जागी उम्मीद : इसी मुद्दे को लेकर सांसद मनीष जयसवाल ने हाल ही में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और एनएच-2 के चोरदाहा–गोरहर तक चौड़ीकरण की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। 59.66 किमी की इस परियोजना में चौपारण और बरकट्ठा में दो बड़े फ्लाईओवर, एक मेजर ब्रिज तथा कई छोटे पुल शामिल हैं। सांसद ने मंत्री के समक्ष क्षेत्र की समस्याओं, लोगों के रोष और निर्माण कंपनी की लापरवाही को मजबूती से रखा। मंत्री गडकरी ने दो महीने के भीतर समीक्षा कर ठेकेदार की जवाबदेही तय करने और निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने का आश्वासन दिया है। इससे लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से लटके अंडरपास और अन्य निर्माण कार्य अब तेजी पकड़ेंगे और जल्द ही क्षेत्र को राहत मिलेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *