शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। उन्होंने सरकारी आवास के गेट के अंदर खड़े होकर मीडिया से कहा कि उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा। ADM कंपाउंड को मिनी जेल बना दिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा सकता है। अग्निहोत्री का दावा है कि उनके और संपर्क में मौजूद अधिकारियों के फोन सर्विलांस पर लगाए गए हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को इस्तीफा दिया था। इसकी वजह उन्होंने UGC के नए नियम और शंकराचार्य के शिष्यों की पिटाई को बताया। उन्होंने 5 पेज का लेटर भी लिखा था। उसी दिन शाम साढ़े 7 बजे वे डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया, हालांकि ADM ने इन आरोपों को गलत बताया। इसी रात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उनसे फोन पर बात की और कहा कि उन्हें धर्म के क्षेत्र में बड़ा पद देंगे। 26 जनवरी को ही शासन ने उन्हें सस्पेंड कर बरेली कमिश्नर को जांच सौंपी। साथ ही उन्हें शामली अटैच कर दिया। फिलहाल इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही सरकार इस्तीफा स्वीकार करेगी। 27 जनवरी को उनकी सरकारी गाड़ी भी वापस ले ली गई। इसके बाद वे डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन अंदर नहीं जाने दिया गया और वे करीब दो घंटे तक बाहर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे इस्तीफा वापस नहीं लेंगे, सरकार से मोहभंग हो चुका है और यूपी में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। अफसर के इस्तीफे के बाद पल-पल के अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…


