बरेली का परिवार 31 महीने से दंडवत यात्रा पर:सनातन धर्म की रक्षा बुरहानपुर पहुंची, गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का लक्ष्य

बुरहानपुर जिले से गुरुवार को एक परिवार की दंडवत यात्रा गुजरी। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के ग्राम मुझेना संतोष निवासी नरेश गंगवाल अपनी पत्नी सुमित्रा देवी और बेटे प्रह्लाद पटेल के साथ सनातन धर्म की रक्षा और गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की कामना के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा शाहपुर मार्ग से होते हुए महाराष्ट्र की ओर निकली। नरेश गंगवाल ने बताया कि उन्होंने 1 मई 2023 को यह यात्रा शुरू की थी, जिसे अब 31 महीने हो चुके हैं। यह दंडवत यात्रा लगभग 12 साल तक चलेगी और इसमें चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग, 18 शक्तिपीठ, अर्ध नरेश्वर, वैष्णो माता, अमरनाथ, मेरीपुर बालाजी, मथुरा, अयोध्या, गोरखनाथ मंदिर और नेपाल के पशुपतिनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन शामिल हैं। 10 राज्यों के मंदिरों में मत्था टेक चुका
अब तक, गंगवाल परिवार 7500 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है और 10 राज्यों के मंदिरों में मत्था टेक चुका है। बुरहानपुर के शाहपुर से वे अब 11वें राज्य महाराष्ट्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। यात्री नरेश गंगवाल के अनुसार, उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व में सनातन धर्म का जयघोष करना और गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना है। उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे पीठ के बल घिसटते हुए यह कठिन यात्रा कर रहे हैं। गंगवाल ने बताया कि अन्य लोग धामों पर जाकर संतान, धन या पद की कामना करते हैं, लेकिन उनकी ऐसी कोई अभिलाषा नहीं है। वे हर दर पर केवल सनातन धर्म की रक्षा और मानवता से दानवता की ओर बढ़ रहे लोगों के लिए सद्बुद्धि की कामना कर रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *